फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur: Only 14 percent OBC reservation in the appointment of scientific officers, interim order of the High Court

जबलपुर: वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्ति में सिर्फ 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण, हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

Mon, 28 Feb 2022 08:29 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 28 Feb 2022 08:29 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फॉरेंसिक साइंस लैब में वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्ति में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस डी के पालीवाल की युगलपीठ ने नियुक्ति में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण देने के अंतरिम आदेश पारित किए हैं। युगलपीठ ने उक्त याचिका की सुनवाई ओबीसी आरक्षण से संबंधित अन्य याचिकाओं के साथ करने के निर्देश जारी किए हैं।
 

विज्ञापन
Jabalpur: Only 14 percent OBC reservation in the appointment of scientific officers, interim order of the High Court
Jabalpur High Court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फॉरेंसिक साइंस लैब में वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्ति में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण देने के अंतरिम आदेश पारित किए गए हैंं। ये आदेश चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस डी के पालीवाल की युगलपीठ ने दिए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब में वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्ति में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। युगलपीठ ने उक्त याचिका की सुनवाई भी ओबीसी आरक्षण से संबंधित अन्य याचिकाओं के साथ करने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन

 
बता दें कि सीधी निवासी अनुज शुक्ला की तरफ से याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि गृह विभाग के अंतर्गत आने वाले फॉरेंसिक साइंस लैब में वैज्ञानिक अधिकारियों की नियुक्तियों में ओबीसी वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इंद्रा साहनी प्रकरण में आदेश पारित किए गए हैं कि आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के कारण आरक्षण 63 प्रतिशत हो जाएगा।  
विज्ञापन


प्रशासन की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने युगलपीठ को बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 7 जनवरी 2022 को पारित आदेश में कहा है कि आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत बंधककारी नहीं है। नीट पीसी तथा यूजी में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत तथा ईडब्ल्यूएस को दस प्रतिशत आरक्षण मान्य किया गया है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता मानस वर्मा तथा अधिवक्ता अंषुल तिवारी ने पैरवी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed