फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur: High court strict for not giving benefit of pay scale to principal even after retirement, cost of 5 thousand imposed on assistant commissioner

जबलपुर: रिटायरमेंट के बाद भी प्राचार्य को वेतनमान का लाभ न दिए जाने पर हाईकोर्ट सख्त, सहायक आयुक्त पर लगाया 5 हजार का कॉस्ट

Wed, 02 Feb 2022 05:23 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 02 Feb 2022 05:23 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश का पालन न होने पर सहायक आयुक्त पर 5 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।

विज्ञापन
Jabalpur: High court strict for not giving benefit of pay scale to principal even after retirement, cost of 5 thousand imposed on assistant commissioner
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जबलपुर के निर्वतमान प्राचार्य ने बढ़े हुए वेतनमान का लाभ व उसके अनुसार पेंशन नहीं दिए जाने के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के पूर्व पारित आदेश का पालन न होने पर एचसी ने सहायक आयुक्त पर 5 हजार की कॉस्ट लगाई है। जस्टिस एस ए धर्माधिकारी ने याचिका पर अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की है।
विज्ञापन


एस पी गौतम की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि वह आदिवासी कल्याण विभाग में पदस्थ थे। 2016 में विद्या निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर से प्रार्चाय के तौर पर सेवानिवृत्त हुए थे। विभाग द्वारा उन्हें चौथे व 5वें वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 2010 में उनके पक्ष में आदेश जारी किया था। आदेश में परिपालन के लिए सिर्फ कागजी कार्रवाई का दौर चलता रहा और इस दौरान वे सेवानिवृत्त हो गए।
विज्ञापन


याचिका पर पूर्व में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पाया था कि कई अवसर देने के बावजूद भी जवाब पेश नहीं किया गया। न्यायालय ने अनूपपुर में पदस्थ सहायक आयुक्त को तलब किया था। न्यायालय के आदेश पर सहायक आयुक्त उपस्थित हुए लेकिन उनकी तरफ से जवाब पेश नहीं किया गया। जिसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने 5 हजार का कॉस्ट लगाते हुए जवाब पेश करने समय प्रदान किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed