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जबलपुर: झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा
Fri, 01 Apr 2022 08:35 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 01 Apr 2022 08:35 PM IST
सार
नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। पॉक्सो की विशेष अदालत ने आरोपी कृष्णा उर्फ किशन लाल पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
पॉक्सो की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी कृष्णा उर्फ किशन लाल को दोषी करार देते हुए अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 3 जुलाई 2017 को पीड़िता की बहन ने खमरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका मायका अजमेर राजस्थान का है। वह अपनी बहन को लेकर 16 जून 2017 को जबलपुर आई थी। उसकी छोटी बहन पीड़िता उसके साथ घूमने के लिए आई थी। 2 जुलाई 2017 को करीब 3 बजे दोपहर में वह घर के अंदर थी व पीड़िता घर के बाहर कपड़े सुखाने के लिए बाड़ी में गई थी और वहां से वापस नहीं आई। पड़ोस में पीड़िता को तलाश किया जो नहीं मिली। घर के पास नाई से पूछा तो उसने बताया कि पीड़िता ऑटो में बैठकर कहीं चली गई है। शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और जांच उपरांत आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ स्मृतिलता बरकडे ने पैरवी की।
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अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 3 जुलाई 2017 को पीड़िता की बहन ने खमरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका मायका अजमेर राजस्थान का है। वह अपनी बहन को लेकर 16 जून 2017 को जबलपुर आई थी। उसकी छोटी बहन पीड़िता उसके साथ घूमने के लिए आई थी। 2 जुलाई 2017 को करीब 3 बजे दोपहर में वह घर के अंदर थी व पीड़िता घर के बाहर कपड़े सुखाने के लिए बाड़ी में गई थी और वहां से वापस नहीं आई। पड़ोस में पीड़िता को तलाश किया जो नहीं मिली। घर के पास नाई से पूछा तो उसने बताया कि पीड़िता ऑटो में बैठकर कहीं चली गई है। शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और जांच उपरांत आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ स्मृतिलता बरकडे ने पैरवी की।
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