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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   International Women's Day: Anuppur's Jyoti wrote a new script of self-reliance on the strength of hard work and dedication

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: अनूपपुर की ज्योति ने मेहनत और लगन के बल पर लिखी आत्मनिर्भरता की इबारत

Tue, 08 Mar 2022 11:23 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 08 Mar 2022 11:23 AM IST
सार

अनूपपुर जिले के सिवनी ग्राम की ज्योति ने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अपनी जिंदगी को बदला। लोन लेकर उन्होंने हार्डवेयर की दुकान के साथ ही ब्यूटी पार्लर और सिलाई का काम शुरू किया अब हर महीने वे 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं।
 

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International Women's Day: Anuppur's Jyoti wrote a new script of self-reliance on the strength of hard work and dedication
ग्रामीण आजीविका मिशन ने बदली ज्योति की जिंदगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर ठान लो तो जिंदगी में कुछ भी बदलना मुश्किल नहीं है। अनूपपुर जिले के सिवनी ग्राम की ज्योति सिंह राठौर ने भी कड़ी मेहनत और लगन से अपनी जिंदगी को पहले से बेहतर कर लिया है। अब वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। 
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गांव  के ‘अनुराधा समूह’ से जुड़कर ज्योति ने आर्थिक रूप से मजबूत होने की राह में कदम आगे बढ़ाया। सिवनी के साधना ग्राम संगठन और जीवन ज्योति सीएलएफ, अनूपपुर से जुड़कर वे आत्मनिर्भर हुई। ज्योति ने हार्डवेयर, सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर के साथ ही कृषि एवं सब्जी उत्पादन जैसे कामों को अपना व्यवसाय बनाया और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारा। 
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ज्योति ने बताया कि उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के सीआरपी से जुड़कर 50 हजार रुपये का लोन लिया और हार्डवेयर की दुकान खोली, अपने पति के साथ मिलकर उन्होंने अपनी दुकान को आगे बढ़ाया, दुकान से होने वाली आय से उन्होंने लोन को चुकाया। 
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हार्डवेयर दुकान के साथ ही उन्होंने सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम भी शुरू किया। इन तीनों कामों की वजह से उनकी आमदनी बढ़ गई। अब ज्योति हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं। इन पैसों से उनके परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे से हो पा रहा है। अब ज्योति को रोजगार के लिए किसी और पर निर्भर नहीं होना पड़ता। वे गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर होने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ज्योति ने अपनी सफलता का श्रेय आजीवका समूह को देते हुए उपलब्धि के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। 
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