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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Inhuman act with old saint in Rajgarh glass inserted in private part called for worship

MP News: वृद्ध संत के साथ दबंगों ने किया अमानवीय कृत्य, पूजा-पाठ के बहाने बुला प्राइवेट पार्ट में डाला गिलास

Tue, 04 Oct 2022 11:13 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 04 Oct 2022 11:13 AM IST
सार

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक बुजुर्ग संत के साथ कुछ दबंगों ने अमानवीय कृत्य किया। बुजुर्ग से मारपीट के बाद उसे स्टील के गिलास में बैठा दिया। मामला तीन महीने पुराना है।

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Inhuman act with old saint in Rajgarh glass inserted in private part called for worship
बुजुर्ग संत के प्राइवेट पार्ट में गिलास - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में मानवता को शर्मनाक करने वाला मामला सामने आया है। यहां गांव के कुछ दबंग लोगों ने एक बुजुर्ग संत के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य किया कि वह शर्म के मारे अपनी व्यथा किसी से कह भी न सका और तीन महीने से भी ज्यादा समय तक दर्द सहता रहा, लेकिन जब दर्द हद से ज्यादा बढ़ गया तो वह इलाज करान पहुंचा, जहां से उसे इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।
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मामला राजगढ़ जिले के खिलचीपुर का है। बुजुर्ग संत ने बताया कि दो साल पहले उसने गांव वालों के साथ मिलकर यज्ञ कराने का फैसला किया था। धार्मिक अनुष्ठान के लिए लोगों से चंदा भी लिया गया था, जिसमें करीब सवा लाख रुपये मिले थे। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यज्ञ का आयोजन नहीं हो सका। गांव के दबंगों ने चंदे के पैसे की जानकारी भी किसी को नहीं दी। करीब तीन महीने पहले संत लोगों के पास पहुंचा और यज्ञ कराने की बात कही, जिस पर दबंग भड़क उठे और उसके साथ मारपीट की। बाद में उसे एक स्टील के ग्लास पर बैठाया और ऊपर से दबा दिया। प्रेशर के कारण ग्लास संत के प्राइवेट पार्ट में जाकर घुस गया। 
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पीड़ित बुजुर्ग शर्म के चलते दूसरे गांव में जाकर इलाज करा रहा था लेकिन उसे आराम नहीं मिला। शनिवार को वह जिला अस्पताल रायगढ़ में इलाज कराने पहुंचा तो यहां से उसे भोपाल के हमीदिया रेफर कर दिया गया। मामले में संडावता चौकी के ASI भदौरिया ने बताया कि 2 साल पहले संत ने गांव वालों के साथ मिलकर गांव में यज्ञ और पूजा-पाठ कराने का फैसला किया था। जिसके लिए उन्होंने चंदा भी इकठ्ठा कर लिया। यज्ञ का आयोजन हो पाता इससे पहले ही कोरोना आ गया। इस वजह से गांव में पूजा नहीं हो पाई। तीन महीने पहले संत उन लोगों के घर गए और उनसे दोबारा पूजा कराने के लिए कहने लगे। इसी बात से नाराज होकर 3 गांवों (अमावता, कछोटिया और हलाहेड़ी) के लोगों ने मिलकर उन्हें पीट दिया।
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