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एक ही इंजेक्शन के इस्तेमाल से इंफेक्शन, 25 से ज्यादा की तबीयत बिगड़ी, कांग्रेस नेता के भाई की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:57 PM IST
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दतिया जिला अस्पतालम में एक ही सिरिंज से इंजेक्शन लगाने से 25 से ज्यादा मरीजों की तबीयत खराब हो गई। जबकि एक मरीज की मौत हो गई। मृतक की पहचान कांग्रेस जिला उपाध्क्ष सरनाम सिंह राजपूत के चचेरे भाई के रूप में हुई है। बता दें कि मरीजों को इंजेक्शन लगाने के बाद कंपकंपी और घबराहट होने लगी। इसी के चलते कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के चचेरे भाई की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक यह इंजेक्शन वार्ड प्रभारी कमला वर्मा के कहने पर नर्स डी गौतम ने लगाए थे। मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर पीके शर्मा ने बताया कि नर्स ने वार्ड में भर्ती बुखार और हादसे में घायल मरीजों को सिरिंज बदले बिना एक ही निडिल से इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मरीज कांपने लगे और उन्हें घबराहट होने लगी। कुछ देर बाद ही कुम्हैड़ी निवासी 52 वर्षीय इमरत सिंह की मौत हो गई।
बता दें कि बुखार से पीड़ित इमरत को सोमवार सुबह ही भर्ती कराया गया था। दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक उन्हें कोई भी डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। शाम छह बजे नर्स ने इंजेक्शन लगाया और कुछ देर में ही इमरत ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद डॉक्टर शर्मा ने सभी मरीजों को डेकाडोन इंजेक्शन लगवाया, तब जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली।
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इमरत की मौत होने के बाद सीएस के अलावा अस्पताल में मौजूद सभी डॉक्टर भाग गए। वहीं घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। जिन्हें मौके पर पहुंची पुलिस ने शांत कराया। वहीं सरनाम के परिजन पुलिस से संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
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जानकारी के मुताबिक यह इंजेक्शन वार्ड प्रभारी कमला वर्मा के कहने पर नर्स डी गौतम ने लगाए थे। मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर पीके शर्मा ने बताया कि नर्स ने वार्ड में भर्ती बुखार और हादसे में घायल मरीजों को सिरिंज बदले बिना एक ही निडिल से इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मरीज कांपने लगे और उन्हें घबराहट होने लगी। कुछ देर बाद ही कुम्हैड़ी निवासी 52 वर्षीय इमरत सिंह की मौत हो गई।
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बता दें कि बुखार से पीड़ित इमरत को सोमवार सुबह ही भर्ती कराया गया था। दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक उन्हें कोई भी डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। शाम छह बजे नर्स ने इंजेक्शन लगाया और कुछ देर में ही इमरत ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद डॉक्टर शर्मा ने सभी मरीजों को डेकाडोन इंजेक्शन लगवाया, तब जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली।
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इमरत की मौत होने के बाद सीएस के अलावा अस्पताल में मौजूद सभी डॉक्टर भाग गए। वहीं घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। जिन्हें मौके पर पहुंची पुलिस ने शांत कराया। वहीं सरनाम के परिजन पुलिस से संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
