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Women Entrepreneurship: गाय के गोबर से सौ तरह की वस्तुएं बनाना सीखी, अब शुरू करेंगी खुद का व्यापार
Thu, 13 Apr 2023 08:10 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 13 Apr 2023 08:10 PM IST
सार
गाय के शुद्ध गोबर आदि से अनेकों वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया गया। गोबर से सौ से अधिक वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
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गोबर और मिट्टी से सुंदर वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
एकल युवा इंदौर और एकल ग्रामोत्थान संसाधन केंद्र के द्वारा गोबर और मिट्टी से सुंदर वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कतरगाव जीआरसी केंद्र पर चल रहे इस प्रशिक्षण में आत्मनिर्भर भारत के तहत महिला सशक्तिकरण की नींव रखी जा रही है। सुबह 11 बजे से शाम 4 तक करही, कतरगाव आदि गावों से आई 35 महिलाओं और बालिकाओं को गाय के गोबर, लकड़ी मैदा, गवार पावडर, पीली मिट्टी आदि से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें इन सामग्री से धूप बत्ती, हवन कुंड, दीपक, ओम, स्वस्तिक आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षक एकता मेहता ने बताया कि आज की नारी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एकल ग्रामोत्थान द्वारा अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के तहत गाय के शुद्ध गोबर आदि से अनेकों वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया गया। गोबर से सौ से अधिक वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। हमारा उद्देश्य है महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वावलंबी बनें, इस हेतु हमारा प्रयास है कि प्रशिक्षित महिलाओं से वस्तुएं बनवाकर उनकी मार्केटिंग की जाए ताकि उन्हें रोजगार प्रदान कर आमदनी करवाई जाए जिससे कि उनमें आत्मविश्वास जाग्रत हो। वे सशक्तिकरण की ओर अग्रसर होकर उन्नति करें एवं इसका प्रचार प्रसार भी करें।
कार्यशाला में एकल ग्रामोत्थान की चेप्टर अध्यक्ष सुषमा चौधरी, संभाग समिति अध्यक्ष सरस्वती महेश्वरी, प्रशिक्षण प्रदाता एकता मेहता, एकल युवा की अध्यक्ष रासु जैन, उपाध्यक्ष सरिता मूंदड़ा, नेहा अग्रवाल आदि की उपस्थिति में बालिकाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
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प्रशिक्षक एकता मेहता ने बताया कि आज की नारी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एकल ग्रामोत्थान द्वारा अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के तहत गाय के शुद्ध गोबर आदि से अनेकों वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया गया। गोबर से सौ से अधिक वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। हमारा उद्देश्य है महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वावलंबी बनें, इस हेतु हमारा प्रयास है कि प्रशिक्षित महिलाओं से वस्तुएं बनवाकर उनकी मार्केटिंग की जाए ताकि उन्हें रोजगार प्रदान कर आमदनी करवाई जाए जिससे कि उनमें आत्मविश्वास जाग्रत हो। वे सशक्तिकरण की ओर अग्रसर होकर उन्नति करें एवं इसका प्रचार प्रसार भी करें।
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कार्यशाला में एकल ग्रामोत्थान की चेप्टर अध्यक्ष सुषमा चौधरी, संभाग समिति अध्यक्ष सरस्वती महेश्वरी, प्रशिक्षण प्रदाता एकता मेहता, एकल युवा की अध्यक्ष रासु जैन, उपाध्यक्ष सरिता मूंदड़ा, नेहा अग्रवाल आदि की उपस्थिति में बालिकाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
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