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Weather: प्रदेश में लू का अलर्ट, मौसम विभाग ने कहा गर्मी से बचकर रहें, जल्द राहत मिलने की उम्मीद
Thu, 28 Mar 2024 09:57 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 28 Mar 2024 09:57 PM IST
सार
Weather Forecast: मध्यप्रदेश में लू और भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हैं। बड़वानी में पारा 41 डिग्री के पार हो चुका है। अभी से यह हालात हैं आगे क्या होगा...
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चंडीगढ़ में बढ़ने लगा पारा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। रतलाम, दमोह में लू का प्रभाव रहा। गुना में गरम रात रही। अधिकतम तापमान रीवा संभाग के जिलों में काफी बढ़े एवं शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहे। उज्जैन, ग्वालियर संभागों के जिलों में यह सामान्य से काफी अधिक तक गए और शेष सभी संभागों के जिलों में सामान्य ही रहे। वहीं अगर न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में काफी बढ़े एवं शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। भोपाल, रीवा संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहे। नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में यह सामान्य से काफी अधिक तक पहुंचे एवं शेष सभी संभागों के जिलों में सामान्य रहे। प्रदेश में 29 मार्च 2024 से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है। बड़वानी में 41.5 डिग्री अधिकतम तापमान और शहडोल में 16.9 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में बारिश और बादल के आसार हैं। इस वजह से 30 मार्च के आसपास मप्र में भी गर्मी का प्रकोप कम होगा।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विभाग के द्वारा प्रदेश में लू की चेतावनी जारी की गई है। रतलाम, दमोह और गुना में लू की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। अपने सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि मध्य भारत में मार्च से लेकर मई 2024 का तापमान औसत तापमान से अधिक होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश के अधिकांश भागों में लू (तापघात) की स्थिति निर्मित हो सकती है। लू (तापघात) के प्रभाव, लक्षण एवं प्राथमिक उपचार सावधानियां अपनाई जानी चाहिए। नागरिकों से कहा गया है कि वे पानी, छांछ, ओ.आर.एस. का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नीम्बू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन कर तरो-ताजा रहें। यथा संभव दोपहर 12 से दोपहर 03 बजे धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें। धूप में निकलने के पूर्व तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। समय-समय पर पानी पीते रहे। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें। जानवरों को छाया में रखें और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें। गरिष्ठ, वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।
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मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विभाग के द्वारा प्रदेश में लू की चेतावनी जारी की गई है। रतलाम, दमोह और गुना में लू की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। अपने सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि मध्य भारत में मार्च से लेकर मई 2024 का तापमान औसत तापमान से अधिक होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश के अधिकांश भागों में लू (तापघात) की स्थिति निर्मित हो सकती है। लू (तापघात) के प्रभाव, लक्षण एवं प्राथमिक उपचार सावधानियां अपनाई जानी चाहिए। नागरिकों से कहा गया है कि वे पानी, छांछ, ओ.आर.एस. का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नीम्बू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन कर तरो-ताजा रहें। यथा संभव दोपहर 12 से दोपहर 03 बजे धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें। धूप में निकलने के पूर्व तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। समय-समय पर पानी पीते रहे। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें। जानवरों को छाया में रखें और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें। गरिष्ठ, वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।
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