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इंदौर: विहिप के अध्यक्ष ने उठाए कॉर्पोरेट गरबों पर सवाल, आखिर क्यों किया मक्का के काबा का जिक्र?
Thu, 01 Oct 2026 09:11 PM IST
इंदौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: इंदौर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 09:11 PM IST
सार
इंदौर में नवरात्रि गरबा आयोजनों को लेकर VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कॉर्पोरेट गरबों पर विचार की जरूरत बताई। उन्होंने गरबा को धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन बताते हुए केवल हिंदू समाज के लोगों को प्रवेश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था को कानून की सीमा में रहकर लागू किया जाना चाहिए।
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विस्तार
इंदौर में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल समाज को कॉर्पोरेट गरबों को लेकर विचार करने की जरूरत है। उनका कहना है कि गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा कार्यक्रम है और इसकी धार्मिक प्रकृति को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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आलोक कुमार ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की ओर से गरबा आयोजनों को लेकर यह बात कही गई है कि इनमें केवल हिंदू समाज के लोगों को प्रवेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए मक्का का उदाहरण देते हुए कहा कि मक्का में काबा श्रद्धा का केंद्र है और वहां गैर-मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर कानूनी प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह गरबा भी देवी की आराधना और श्रद्धा से जुड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। ऐसे में कानून की परिधि में रहते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि गरबा आयोजन में हिंदू समाज के लोग ही शामिल हों।
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वीएचपी अध्यक्ष के इस बयान के बाद नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश और आयोजन की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। खासतौर पर शहरों में बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले कॉर्पोरेट गरबा आयोजनों में अलग-अलग समुदायों के लोगों की भागीदारी को लेकर भी बहस होती रही है। आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी बात का आधार धार्मिक आस्था और मौजूदा कानूनी व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की व्यवस्था कानून की सीमा के भीतर रहकर ही सुनिश्चित की जानी चाहिए। नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सामाजिक और आयोजकों के स्तर पर चर्चा बढ़ सकती है। फिलहाल विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष का यह बयान सुर्ख़ियों बटोरने लगा है।
