Indore News: तीन माह की मासूम बेटी की कर दी थी हत्या, माता-पिता को उम्रकैद
सात साल पहले खजराना पुलिस को एक कचरे के ढेर में नवजात का शव मिला था। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि खजराना क्षेत्र में रहने वाले पप्पू और संगीता रावल ने हत्या की थी।
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तीन माह की मासूम बेटी की हत्या करने वाले निर्दयी माता-पिता को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बच्ची के जन्म से अंग विकसित नहीं हो पाए थे अौर माता-पिता बेटी को अपनाना नहीं चाहते थे। पिता ने बेटी को संडासी मार की मौत की नींद में सुला दिया था अौर मां बच्ची के शव को कचरे में फेंक कर अाई थी।
अभियोजन ने कोर्ट में जितने गवाहों के बयान कराए थे, वे पक्षद्रोही हो गए थे, लेकिन कोर्ट ने ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया और हत्यारे माता-पिता को आजीवन कारवास की सजा सुनाई।
हत्यारा पिता बच्ची को इसलिए पसंद नहीं करता था,क्योकि जन्म से बेटी का एक कान नहीं था। इसके बाद उसने सिर पर संडासी मारकर हत्या कर दी। इस काम में उसकी पत्नी ने साथ दिया और अपनी ही बेटी को शव ठिकाने लगाने चली गई थी।
कचरे के ढेर में थी नवजात
सात साल पहले खजराना पुलिस को एक कचरे के ढेर में नवजात के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि बच्ची की मौत सिर में गहरे घाव के कारण हुई थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि खजराना क्षेत्र में रहने वाले पप्पू औ संगीता रावल के यहां दिव्यांग बच्ची पैदा हुई थी और वे घटनास्थल के आसपास देखे गए थेे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना स्वीकारा। पुलिस ने माता-पिता के डीएनए सेंपल जांच के लिए भेजे थे और उसमें भी बेटी के माता-पिता होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था।
