Indore News: व्यापारी विधायक और कलेक्टर से बोले- राजवाड़ा के आसपास अंडरग्राउंड ही रखे मेट्रो
पहले जो रुट तय किया गया था, उसमें राजवाड़ा के पास मेट्रो का रुट था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की बैठक में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राजवाड़ा के पास खुदाई को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इससे राजवाड़ा की नींव कमजोर होगी।
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मेट्रो के 31 किलोमीटर लंबे रुट के छह किलोमीटर के हिस्से में तो तेजी से काम हो रहा है, लेकिन मध्य क्षेत्र मेें मेट्रो के रुट अभी फायनल नहीं हो पाया हैै। बुधवार को प्रोजेक्ट के अफसरों ने सर्वे शुरू किया, लेकिन व्यापारियों ने विरोध कर दिया। विधायक आकाश विजयवर्गीय और कलेक्टर इलैया राजा व्यापारियों के बीच पहुंचे। व्यापारियों ने कहा कि मध्य क्षेत्र में मेट्रो अंडरग्राउंड ही रखी जाना चाहिए। इससे व्यापार भी प्रभावित नहीं होगा। व्यापारियों ने अन्य समस्याएं भी बताई। उधर एमआर-4 के विस्तार के सिलसिले में पोलोग्राउंड क्षेत्र के उद्योगपति भी कलेक्टर से मिले। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के कारण उद्योग की जमीनेें प्रभावित नहीं होना चाहिए।
जवाहर मार्ग से हो सकता है मेेट्रो का रुट
पहले जो रुट तय किया गया था, उसमें राजवाड़ा के पास मेट्रो का रुट था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की बैठक में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राजवाड़ा के पास खुदाई को लेकर आपति्त जताई थी। उनका कहना था कि इससे राजवाड़ा की नींव कमजोर होगी। इसके बाद व्यापारियों ने भी विरोध जताया था।
अब अधिकारी नया रुट प्लान कर रहे है। सूत्रों के अनुसार जवाहर मार्ग पर मेट्रो का अंडरग्राउंड रुट हो सकता है। खालसा चौराहा से रुट बड़ा गणपति की तरफ जाएगा। अभी मेट्रो कार्पोरेशन का जोर सुपर कारिडोर वाले हिस्से में काम पूरा करने का है। यहां अगस्त तक मेट्रो के ट्रायल रन का लक्ष्य सरकार ने रखा है। 20 फरवरी के बाद से मेट्रो रुट पर पटरियां ना शुरू हो जाएगी। इसके बाद मेट्रो के कोच भी अप्रैल तक आने लगेंगे। उनका निर्माण बड़ौदा में हो रहा है।
अभ्यास मंडल देगा धरना
नाले में तब्दील हो चुकी कान्ह सरस्वती नदी की सफाई की मांग को लेकर अभ्यास मंडल के कार्यकर्ता 12 फरवरी को कृष्णपुरा छत्री पर धरना देंगे। मंडल के सचिव शिवाजी मोहिते का कहना है कि नदी में गंदा पानी न मिले। इसके लिए करोड़ों रुपये की योजना बन चुकी है, लेकिन नदी में फिर भी गाद, मैला पानी रहता है। इसके लिए ठोस उपाय नहीं हो पाए है। नदी के आसपास से अतिक्रमणों को हटाकर वहां पेड़ लगाना चाहिए।
