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Indore: 'अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सामान्य आदमी के पहुंच से बाहर', इंदौर पहुंचे मोहन भागवत ने जताई चिंता
Sun, 10 Aug 2025 07:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 10 Aug 2025 07:34 PM IST
सार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इंदौर में गुरुजी सेवा न्यास के कैंसर केयर सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा अब व्यावसायिक हो गई हैं, जबकि ये समाज की मूलभूत आवश्यकताएं हैं।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुरुजी सेवा न्यास का कैंसर केयर सेंटर के लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक सरसंघ चालक मोहन भागवत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा समाज की आवश्यकता है। ज्ञान के लिए शिक्षा और ज्ञान पाने के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। दुर्भाग्य है कि अच्छा स्वास्थ्य और शिक्षा सामान्य आदमी के पहुंच से बाहर है। यह काम पहले सेवा के नाते किए जाते थे, लेकिन अब स्वास्थ्य और शिक्षा भी व्यावसायिक हो गई है। पहले शिक्षा देना कर्तव्य माना जाता था।
उन्होंने बताया कि बचपन में मुझे मलेरिया हो गया था। तीन दिन मैं स्कूल नहीं गया तो शिक्षक घर आए। वे मेरे लिए जंगल में जाकर जड़बूटी ले आए। उन्हें चिंता था कि जो छात्र मेरे पास आया है। वो स्वस्थ भी रहना चाहिए समाज को सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। कॉरपोरेट का जमाना है। अब शिक्षा हब बन चुके हैं।
ये भी पढ़ें- फ्लायओवर बनाने में लेटलतीफी पड़ रही भारी, रोज लग रहा जाम, हो रहे हादसे
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कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं
भागवत ने कहा कि शिक्षा के लिए छात्रों को दूर जाना पड़ता है। अच्छी चिकित्सा के लिए भी बड़े शहरों में जाना पड़ता है। देश को कम खर्च वाली और सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। इलाज चिंता की बीमारी नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम का दृष्टिकोण यह है कि एक ही बात दुनिया पर लागू करना। विदेश में चिकित्सा पर हुई रिसर्च सब जगह लागू नहीं हो सकती, क्योंकि विश्व में विविधता है। किसी को नैचुरोपैथी से फायदा होता है तो किसी को होम्योपैथी से फायदा होता है। कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकती। भारतीय चिकित्सा पद्धति मरीजों का व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार इलाज करती है। 8-10 भारतीय शहरों में अच्छी कैंसर देखभाल उपलब्ध है। सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता है।
ये भी पढ़ें- इंदौर में 13 वर्षीय जैन बाल मुनि करेंगे आध्यात्मिक विधा शतावधान का सार्वजनिक प्रदर्शन
जब मनुष्य समाप्त होगा, तभी बीमारियां खत्म होंगी
बीमारियां सनातन हैं, जब मनुष्य समाप्त होगा, तभी बीमारियां खत्म होंगी। इंदौर में इस प्रकल्प के माध्यम प्रशंसनीय काम हो रहा है, लेकिन मन में यह न आए कि हम तीस मार खां है। हमें सेवा का अवसर मिला है इसे लगातार करते रहना होगा। नेकी करो कुएं में डालो, छोटे छोटे कदम लेकर आगे बढ़ना अच्छी बात है। इस कार्य के लिए अपने प्रति धन्यता का, गर्व का भाव रहे, लेकिन अहंकार नहीं आना चाहिए।
गुरुजी सेवा न्यास के अध्यक्ष मुकेश हजेला ने बताया कि तीन लाख लोगों ने गुरुजी सेवा न्यास के आरोग्य केंद्र में स्वास्थ्य लाभ लिया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य यही है कि जो आर्थिक परेशानी के कारण इलाज नहीं करा पाते हैं। हम उन्हें उच्च स्तर की सेवाएं प्रदान करते हैं।
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उन्होंने बताया कि बचपन में मुझे मलेरिया हो गया था। तीन दिन मैं स्कूल नहीं गया तो शिक्षक घर आए। वे मेरे लिए जंगल में जाकर जड़बूटी ले आए। उन्हें चिंता था कि जो छात्र मेरे पास आया है। वो स्वस्थ भी रहना चाहिए समाज को सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। कॉरपोरेट का जमाना है। अब शिक्षा हब बन चुके हैं।
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कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं
भागवत ने कहा कि शिक्षा के लिए छात्रों को दूर जाना पड़ता है। अच्छी चिकित्सा के लिए भी बड़े शहरों में जाना पड़ता है। देश को कम खर्च वाली और सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। इलाज चिंता की बीमारी नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम का दृष्टिकोण यह है कि एक ही बात दुनिया पर लागू करना। विदेश में चिकित्सा पर हुई रिसर्च सब जगह लागू नहीं हो सकती, क्योंकि विश्व में विविधता है। किसी को नैचुरोपैथी से फायदा होता है तो किसी को होम्योपैथी से फायदा होता है। कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकती। भारतीय चिकित्सा पद्धति मरीजों का व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार इलाज करती है। 8-10 भारतीय शहरों में अच्छी कैंसर देखभाल उपलब्ध है। सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता है।
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जब मनुष्य समाप्त होगा, तभी बीमारियां खत्म होंगी
बीमारियां सनातन हैं, जब मनुष्य समाप्त होगा, तभी बीमारियां खत्म होंगी। इंदौर में इस प्रकल्प के माध्यम प्रशंसनीय काम हो रहा है, लेकिन मन में यह न आए कि हम तीस मार खां है। हमें सेवा का अवसर मिला है इसे लगातार करते रहना होगा। नेकी करो कुएं में डालो, छोटे छोटे कदम लेकर आगे बढ़ना अच्छी बात है। इस कार्य के लिए अपने प्रति धन्यता का, गर्व का भाव रहे, लेकिन अहंकार नहीं आना चाहिए।
गुरुजी सेवा न्यास के अध्यक्ष मुकेश हजेला ने बताया कि तीन लाख लोगों ने गुरुजी सेवा न्यास के आरोग्य केंद्र में स्वास्थ्य लाभ लिया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य यही है कि जो आर्थिक परेशानी के कारण इलाज नहीं करा पाते हैं। हम उन्हें उच्च स्तर की सेवाएं प्रदान करते हैं।
