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Indore News: फ्लायओवर बनाने में लेटलतीफी पड़ रही भारी, रोज लग रहा जाम, हो रहे हादसे
Sun, 10 Aug 2025 09:36 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 10 Aug 2025 09:36 AM IST
सार
Indore News: सत्यसाईं चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण कार्य शुरू हुए 18 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 10 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। कुल 13 पिलर में से सिर्फ 6 के फाउंडेशन बने हैं।
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सत्यसाईं चौराहे पर चल रहा कार्य
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
सत्यसाईं चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण का कार्य शुरू हुए अब डेढ़ साल बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल 10 प्रतिशत काम ही हो पाया है। हालात यह हैं कि अभी तक पूरा फाउंडेशन भी तैयार नहीं किया जा सका है। कुल 13 पियर बनाए जाने हैं, लेकिन इनमें से महज 6 पियर के फाउंडेशन पर ही आंशिक कार्य हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि निर्माण एजेंसी इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी संसाधन नहीं जुटा पा रही है।
रोज जाम और हादसे
शहर का मुख्य चौराहा होने से यहां पर रोज जाम लगता है। बारिश में कीचड़ और फिसलन होने की वजह से हादसे भी बढ़ गए हैं। आसपास की सर्विस रोड पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की वजह से वाहनों के निकलने की जगह नहीं बचती। इस वजह से यहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं।
कम स्टाफ और मशीनों की कमी से अटका काम
इंदौर और पीथमपुर के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिलाकर केवल 20 श्रमिक कार्यरत हैं, जबकि प्रत्येक साइट पर कम से कम 70-80 श्रमिकों की आवश्यकता है। मशीनों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। 75 प्रतिशत समय बीत चुका है, लेकिन अब तक 10 प्रतिशत कार्य भी नहीं हुआ है। आश्चर्यजनक रूप से साइट पर मजदूरों से ज्यादा संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। अब तक तीन बार प्रोजेक्ट हेड को बदला जा चुका है, लेकिन प्रगति नगण्य है।
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एप्रोच रोड पर आंशिक कार्य, लेकिन गर्डर लॉन्च अभी दूर
निर्माण एजेंसी ने देवास नाका की तरफ की भुजा पर पूरी सड़क को डायवर्ट कर कार्य शुरू कर दिया है ताकि एप्रोच रोड तैयार हो सके। हालांकि, अभी तक पियर के ऊपर बनने वाली पियर कैप भी नहीं डाली गई है। वहीं विजय नगर तरफ की भुजा में अब भी जमीन के अंदर ही फाउंडेशन का कार्य किया जा रहा है। जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वर्ष के अंत तक भी गर्डर लॉन्चिंग संभव नहीं दिखती।
मंत्री के सामने पेश किए गए थे गलत आंकड़े, मार्च 2026 है डेडलाइन
फरवरी में जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रेसीडेंसी में बैठक ली थी, तब एमपीआरडीसी द्वारा सत्यसाईं और आईटी पार्क चौराहे के निर्माण कार्यों की गलत प्रगति रिपोर्ट पेश की गई थी। सत्यसाईं फ्लायओवर की प्रगति 36 प्रतिशत बताई गई थी, जबकि वास्तविकता में यह केवल 8 प्रतिशत के आसपास थी। वित्तीय प्रगति भी 31 प्रतिशत दर्शाई गई, जो भ्रामक थी। यह फ्लायओवर 62 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का बनाया जा रहा है, जिसके लिए 15 मार्च 2024 को वर्क ऑर्डर जारी हुआ था और कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य है। फिलहाल 90 प्रतिशत कार्य बाकी है और मात्र 7 महीने शेष हैं।
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रोज जाम और हादसे
शहर का मुख्य चौराहा होने से यहां पर रोज जाम लगता है। बारिश में कीचड़ और फिसलन होने की वजह से हादसे भी बढ़ गए हैं। आसपास की सर्विस रोड पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की वजह से वाहनों के निकलने की जगह नहीं बचती। इस वजह से यहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं।
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कम स्टाफ और मशीनों की कमी से अटका काम
इंदौर और पीथमपुर के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिलाकर केवल 20 श्रमिक कार्यरत हैं, जबकि प्रत्येक साइट पर कम से कम 70-80 श्रमिकों की आवश्यकता है। मशीनों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। 75 प्रतिशत समय बीत चुका है, लेकिन अब तक 10 प्रतिशत कार्य भी नहीं हुआ है। आश्चर्यजनक रूप से साइट पर मजदूरों से ज्यादा संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। अब तक तीन बार प्रोजेक्ट हेड को बदला जा चुका है, लेकिन प्रगति नगण्य है।
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एप्रोच रोड पर आंशिक कार्य, लेकिन गर्डर लॉन्च अभी दूर
निर्माण एजेंसी ने देवास नाका की तरफ की भुजा पर पूरी सड़क को डायवर्ट कर कार्य शुरू कर दिया है ताकि एप्रोच रोड तैयार हो सके। हालांकि, अभी तक पियर के ऊपर बनने वाली पियर कैप भी नहीं डाली गई है। वहीं विजय नगर तरफ की भुजा में अब भी जमीन के अंदर ही फाउंडेशन का कार्य किया जा रहा है। जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वर्ष के अंत तक भी गर्डर लॉन्चिंग संभव नहीं दिखती।
मंत्री के सामने पेश किए गए थे गलत आंकड़े, मार्च 2026 है डेडलाइन
फरवरी में जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रेसीडेंसी में बैठक ली थी, तब एमपीआरडीसी द्वारा सत्यसाईं और आईटी पार्क चौराहे के निर्माण कार्यों की गलत प्रगति रिपोर्ट पेश की गई थी। सत्यसाईं फ्लायओवर की प्रगति 36 प्रतिशत बताई गई थी, जबकि वास्तविकता में यह केवल 8 प्रतिशत के आसपास थी। वित्तीय प्रगति भी 31 प्रतिशत दर्शाई गई, जो भ्रामक थी। यह फ्लायओवर 62 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का बनाया जा रहा है, जिसके लिए 15 मार्च 2024 को वर्क ऑर्डर जारी हुआ था और कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य है। फिलहाल 90 प्रतिशत कार्य बाकी है और मात्र 7 महीने शेष हैं।
