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Indore News: रंगपंचमी की गेर में तीन लोगों को एंबुलेंस से मिली तुरंत मदद, लाखों की भीड़ ने दिया रास्ता
Sun, 31 Mar 2024 10:51 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 31 Mar 2024 10:51 PM IST
सार
गेर में दस अलग अलग जगह पर एंबुलेंस तैनात की गई थी। किसी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया तो किसी को एमवाय पहुंचाया गया। सभी की हालत अब ठीक है।
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रंगपंचमी की गेर में रास्ता देती एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
इंदौर में रंगपंचमी की गेर के बीच एंबुलेंस को निकलने के लिए रास्ता देने का दृश्य बेहद चर्चा में रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह भी बात उठी की गेर के बीच में से ही रास्ता क्यों निकाला गया। इसके बाद जुटाई जानकारी में यह सामने आया कि गेर के बीच में से एंबुलेंस को निकालने के तीन घटनाक्रम हुए थे। सोशल मीडिया पर बीच गेर में से एंबुलेंस निकालने का एक ही दृश्य वायरल हुआ। गेर में अलग अलग जगह तीन लोगों की जिनकी तबीयत बिगड़ी थी। एम्बुलेंस 108 सर्विस के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि गेर में 10 एम्बुलेंस एक्टिव थी। इन्हें अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था।
जिस एंबुलेंस का वीडियो वायरल हुआ था वह एक युवक को ले जा रही थी जिसकी आंख में रंग चला गया था। इस पहले केस में अजय (20) नामक युवक की आंख में मिसाइल से छोड़ा गया तेज गति का रंग सीधा चला गया था। इससे वह छटपटा गया और तुरंत आसपास के लोग उसे कुछ दूर खड़ी एंबुलेंस तक ले गए। इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) देवराज दांगी और पायलट गोवर्धन पाटीदार ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत एमवाय हॉस्पिटल के लिए लेकर रवाना हुए। गेर के बीच में से भी करीब 10 मिनट में ही मरीज को एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया जहां पर अब उसकी हालत ठीक है।
दूसरे केस में डीजे की आवाज के कारण 65 वर्षीय बुजुर्ग हरिनारायण को घबराहट होने लगी। इस पर एंबुलेंस उन्हें तुरंत पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गई। ईएमटी सुनील मालवीय और ड्राइवर अंबुज पाल ने उन्हें तुरंत भर्ती करवाया। उनकी हालत भी अब ठीक है।
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तीसरे केस में दोपहर को नृसिंह बाजार चौराहे के पास सागर (38) पिता सुरेश वर्मा निवासी सुभाष नगर के पैर पर पानी के टैंकर का पहिया चढ़ गया। इस पर लोगों ने उसे भी एंबुलेंस तक पहुंचाा। ईएमटी धर्मेंद्र और ड्राइवर महेंद्र पटेल उसे लेकर तुरंत एमवाय हॉस्पिटल रवाना हुए। युवक की हालत गंभीर होने पर वहां से प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने मशक्कत के बाद सर्जरी से उसका पैर बचाया।
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जिस एंबुलेंस का वीडियो वायरल हुआ था वह एक युवक को ले जा रही थी जिसकी आंख में रंग चला गया था। इस पहले केस में अजय (20) नामक युवक की आंख में मिसाइल से छोड़ा गया तेज गति का रंग सीधा चला गया था। इससे वह छटपटा गया और तुरंत आसपास के लोग उसे कुछ दूर खड़ी एंबुलेंस तक ले गए। इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) देवराज दांगी और पायलट गोवर्धन पाटीदार ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत एमवाय हॉस्पिटल के लिए लेकर रवाना हुए। गेर के बीच में से भी करीब 10 मिनट में ही मरीज को एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया जहां पर अब उसकी हालत ठीक है।
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दूसरे केस में डीजे की आवाज के कारण 65 वर्षीय बुजुर्ग हरिनारायण को घबराहट होने लगी। इस पर एंबुलेंस उन्हें तुरंत पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गई। ईएमटी सुनील मालवीय और ड्राइवर अंबुज पाल ने उन्हें तुरंत भर्ती करवाया। उनकी हालत भी अब ठीक है।
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तीसरे केस में दोपहर को नृसिंह बाजार चौराहे के पास सागर (38) पिता सुरेश वर्मा निवासी सुभाष नगर के पैर पर पानी के टैंकर का पहिया चढ़ गया। इस पर लोगों ने उसे भी एंबुलेंस तक पहुंचाा। ईएमटी धर्मेंद्र और ड्राइवर महेंद्र पटेल उसे लेकर तुरंत एमवाय हॉस्पिटल रवाना हुए। युवक की हालत गंभीर होने पर वहां से प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने मशक्कत के बाद सर्जरी से उसका पैर बचाया।
