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Exclusive: रंगपंचमी पर बुकिंग के लिए प्रशासन का एप फेल, किस आधार पर फार्म चुने गए, नहीं बताया, शहरवासी नाराज
Fri, 29 Mar 2024 08:48 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 29 Mar 2024 08:48 PM IST
सार
इंदौर प्रशासन ने गेर में बुकिंग के लिए एप लांच किया। अमर उजाला के रिपोर्टर ने जब सीट खाली थी तब इस पर मानकों के अनुसार फार्म भरा। अगले दिन सुबह तक फार्म पेंडिंग रहा और शाम को रिजेक्ट हो गया।
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स्पष्ट दिख रहा है बुकिंग करने के बाद भी सीटें खाली थी पर अगले दिन नहीं मिली।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
रंगपंचमी की गेर में बुकिंग के लिए प्रशासन ने इंदौर गेर 2024 के नाम से एप लांच किया। इस एप का मकसद था कि लोगों को रंगपंचमी गेर (rangpanchami gair) के रास्ते में आने वाली इमारतों पर बैठने की बुकिंग करवाई जा सके। प्रशासन ने गुरुवार रात में इस एप की जानकारी सार्वजनिक की। गुरुवार रात को एप में बुकिंग के लिए लगभग सभी सीटें खाली थी। इसी समय अमर उजाला के रिपोर्टर ने एक इमारत में सीट का चयन कर मानकों के अनुसार फार्म भरा। फार्म भरने के बाद पेंडिंग का स्टेटस आया। शुक्रवार सुबह भी स्टेटस पेंडिंग आया और शाम को फार्म रिजेक्ट हो गया।
किस आधार पर रिजेक्ट हुआ फार्म
जब रिपोर्टर ने एप में दिए नंबर पर संपर्क किया तो बताया गया कि हजारों लोगों ने फार्म भरे हैं इसी तरह आपने भी भरा। आपने जब फार्म भरा तब तक सीट बुक हो गई होगी। किस आधार पर चयन हुआ है यह हम नहीं बता सकते। सब कुछ आनलाइन हुआ है।
प्रशासन का दावा पूरी तरह गलत
प्रशासन का दावा है कि जब आपने फार्म भरा तब आपकी सीट किसी और को बुक हो गई होगी लेकिन एेसा नहीं हुआ। रिपोर्टर ने इस पूरी प्रोसेस की वीडियो रिकार्डिंग की जिसमें साफ दिख रहा है कि फार्म भरने के बाद भी उस इमारत में सीटें खाली थी। जब फार्म भरा तक 15 सीटें थी और बुकिंग के बाद भी 13 सीटें खाली थी। प्रशासन द्वारा जारी किए गए एप की जानकारी शुक्रवार सुबह समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई और तब हजारों लोगों ने फार्म भरना शुरू किए। तब तक सभी सीटें भर चुकी थी।
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शहरवासी बोले किस आधार पर बुकिंग हुई पता नहीं
शहर में हजारों लोगों ने इस पर फार्म भरे और किस आधार पर दो सौ लोगों को बुकिंग मिली इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अमर उजाला ने फार्म भरने वाले कई लोगों से बात की तो उनका कहना था कि हमारे फार्म किस आधार पर रिजेक्ट किए हमें यह बताया ही नहीं गया। एप में फार्म भरने के बाद हम दिनभर इंतजार करते रहे और शाम को हमें फार्म रिजेक्ट होने की सूचना मिली। यह भी नहीं बताया कि जिन लोगों को बुकिंग मिली है वह कौन हैं और उन्हें किस आधार पर बुकिंग मिली है।
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किस आधार पर रिजेक्ट हुआ फार्म
जब रिपोर्टर ने एप में दिए नंबर पर संपर्क किया तो बताया गया कि हजारों लोगों ने फार्म भरे हैं इसी तरह आपने भी भरा। आपने जब फार्म भरा तब तक सीट बुक हो गई होगी। किस आधार पर चयन हुआ है यह हम नहीं बता सकते। सब कुछ आनलाइन हुआ है।
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प्रशासन का दावा पूरी तरह गलत
प्रशासन का दावा है कि जब आपने फार्म भरा तब आपकी सीट किसी और को बुक हो गई होगी लेकिन एेसा नहीं हुआ। रिपोर्टर ने इस पूरी प्रोसेस की वीडियो रिकार्डिंग की जिसमें साफ दिख रहा है कि फार्म भरने के बाद भी उस इमारत में सीटें खाली थी। जब फार्म भरा तक 15 सीटें थी और बुकिंग के बाद भी 13 सीटें खाली थी। प्रशासन द्वारा जारी किए गए एप की जानकारी शुक्रवार सुबह समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई और तब हजारों लोगों ने फार्म भरना शुरू किए। तब तक सभी सीटें भर चुकी थी।
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शहरवासी बोले किस आधार पर बुकिंग हुई पता नहीं
शहर में हजारों लोगों ने इस पर फार्म भरे और किस आधार पर दो सौ लोगों को बुकिंग मिली इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अमर उजाला ने फार्म भरने वाले कई लोगों से बात की तो उनका कहना था कि हमारे फार्म किस आधार पर रिजेक्ट किए हमें यह बताया ही नहीं गया। एप में फार्म भरने के बाद हम दिनभर इंतजार करते रहे और शाम को हमें फार्म रिजेक्ट होने की सूचना मिली। यह भी नहीं बताया कि जिन लोगों को बुकिंग मिली है वह कौन हैं और उन्हें किस आधार पर बुकिंग मिली है।
