Indore:स्वच्छता मेें नंबर वन इंदौर की सड़कें भी गड्ढों में नंबर वन
देवास राऊ बायपास पर टोल नाके से हर दिन वाहन चालकों से टोल टैक्स के रुप में 20 लाख रुपयेे वसूले जाते है,लेकिन बदले में सड़क साबूत नहीं मिलती। सर्विस रोड कुछ हिस्सों में 20 मीटर तक गायब हो चुकी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में स्वच्छता में नंबर वन इंदौर की कई सड़कों को साफ करने में परेशानी आ रही है। आखिर करे भी तो कैसे,बारिश में गड्ढे जो हो गए है। अभी इस मानसून सीजन में अभी ज्यादा बारिश नहीं हुई है, फिर भी शहर की कई सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, बंगाली चौराहे से कनाडिया जाने वाली सड़क हो, या फिर बिचोली हप्सी वाली सड़क।गड्ढों को सड़कों पर राज कायम है।
शहरी सीमा से लगे इलाकों से लेकर सघन क्षेत्रों तक समान गड्ढे है। नौलखा बस स्टैंड रोड, खजराना चौराहे , तीन इमली रोड, नेहरू नगर रोड पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को चलना मुश्किल हो चुका है। सड़कों की हालत बयां कर रही है कि सड़क बनाते समय गुणवत्ता का कितना ध्यान रखा गया होगा, यहां सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। यहां लगता ही नहीं है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है।
टोल से हर दिन 20 लाख कमाई, बदले में गड्ढे
देवास राऊ बायपास पर टोल नाके से हर दिन वाहन चालकों से टोल टैक्स के रुप में 20 लाख रुपयेे वसूले जाते है,लेकिन बदले में सड़क साबूत नहीं मिलती। सर्विस रोड कुछ हिस्सों में 20 मीटर तक गायब हो चुकी है।
बड़े-बड़े गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों को गिराने के लिए काफी है। बायपास के मुख्य मार्ग पर आई दरार में फंसने से दो दिन पहले बाइक सवार गिर पड़े थे। जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। सर्विस रोड को बनाने के लिए एनएचएआई ने 80 करोड़ रुपये नगर निगम को दिए है, लेकिन अभी तक सड़क नहीं बनी।
गड्ढे बिगाड़ रहे शहर की इमेज
दूसरे शहरों से आने वालेे यात्री अपने दिमाग मेें इंदौर को लेकर सबसे साफ शहर की छवि लेकर आते है, लेकिन शहर के नौलखा और तीन इमली बस स्टैैंड के बाहर ही सड़कों के हाल इतने बुरे है कि यात्रियों को अपनी धारणा बदलना पड़ रही है।
गड्ढेे इंदौर की इमेज बिगाड़ रहे है। इसके अलावा बिचौली मर्दाना, नेहरु नगर, खजराना रोड़, खंडवा रोड पर सड़कों की हालत खराब है। ढाई सौ करोड़ खर्च कर बनाए गए बीआरटीएस पर भी पलासिया के पास एक गड्ढा हो गया। इस मामले में जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर का कहना है कि बारिश कम होने के बाद डामर के प्लांट शुरू होंगे। इसके बाद पेचवर्क का काम किया जाएगा।
