Indore: नाइट कल्चर में पुलिस फील्ड से रही गायब, बंद दुकानों से बिक रही थी शराब
नाइट कल्चर के लिए विजय नगर से भंवरकुआं तक रातभर दुकानें खुली रखने की अनुमति प्रशासन ने दी है, लेकिन यहां पुलिस सुरक्षा नहीं रहती है। बीआरटीएस के व्यस्त विजय नगर चौराहे पर एक भी पुलिस जवान नशा करके आ रहे चालकों को रोकने के लिए तैनात नहीं था।
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शहर में छह दिन में चार हत्याएं होने के बाद जनप्रतिनिधियों की बैठक में तय हुआ था कि नाइट कल्चर तो कायम रहेगा, लेकिन पुलिस की सख्ती बढ़ेगी। एक दो दिन दिखावे के लिए गुंडे और वारंटियों की पुलिस ने धरपकड़ की, लेकिन मंगलवार रात मौके पर जाकर पुलिस की सख्ती और सुरक्षा को परखने के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची तो चौराहों से पुलिस नदारद थी। देर रात तक खुली दुकानों में युवक-युवतियों के हंसी ठहाके गूंज रहे थे। कुछ नशे में धूत थे, तो कही कार में बार बनाकर जाम टकराए जा रहे थे।
शराब दुकान बंद, शटर के नीचे से बिक्री
इंदौर में शराब दुकान बंद होने का समय साढ़े 11 बजे का है। 11.45 बजे परदेशीपुरा शराब दुकान का शटर बंद था, आगे हरे रंग की नेट लगाई गई थी। दुकान के आसपास चार-पांच युवक बोतल की प्रतिक्षा में खड़े थे। दुकान का सुरक्षाकर्मी उनके पास आता, रुपये लेता और शटर के नीचे से प्रकट हो रही बोतल देर रात आए ग्राहकों को दी जा रही थी। कुछ इसी तरह की सेवा विजय नगर शराब दुकान पर भी देखी गई। यहां 110 रुपये में मिलने वाली बियर केन 160 रुपये में चौकीदार दे रहा था। भमोरी शराब दुकान के पास की खुली जमीन पर खाली शराब और बीयर की बोतलें बता रही थी कि सरकार ने आहते बंद कर दिए है, लेकिन खुलेआम पीने पर कोई रोक नहीं है।
थाने के सामने के चौराहे पर ही पुलिस नहीं
नाइट कल्चर के लिए विजय नगर से भंवरकुआं तक रातभर दुकानें खुली रखने की अनुमति प्रशासन ने दी है, लेकिन यहां पुलिस सुरक्षा नहीं रहती है। बीआरटीएस के व्यस्त विजय नगर चौराहे के पास ही थाना है, लेकिन चौराहे पर एक भी पुलिस जवान नशा करके आ रहे चालकों को रोकने के लिए तैनात नहीं था।
एमआईजी चौराहे पर खुली दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ थी। सड़क पर कारों की पार्किंग थी, लेकिन इस चौराहे पर भी पुलिसकर्मी जांच करने नहीं पाए गए। कुछ इस तरह का हाल रसोमा लेबोरेटरी चौराहे का था। इस चौराहे से तेजी से दो-तीन बाइक सवार हार्न बजाते हुए गुजर रहे थे। पेट्रोल पंप के पीछे एक कार में युवा शराब पी रहे थे,लेकिन उन्हे इस तरह शराब के सेवन से रोकने वाला कोई नहीं था।
