Indore: इंदौर को बाइपास कर सीधे उज्जैन से ओंकारेश्वर जा सकेंगे वाहन, चौड़ी सड़क पर हो जाएगा ट्रैफिक डायवर्ट
मास्टर प्लान के हिसाब से एमआर-12 सड़क नौ किलोमीटर लंबी है। यह छह लेन बनेगी। इस पर प्राधिकरण दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रहा है। 100 करोड़ रुपये तो रेलवे क्रासिंग और नाले पर बनने वाले ब्रिज पर ही खर्च होंगे।
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इंदौर देश का ऐसा शहर है, जिसके 60-70 किलोमीटर की दूरी पर दो ज्योर्तिलिंग हैं। लोग उज्जैन से ओंकारेश्वर जाने के लिए इंदौर होकर जाते हैं, लेकिन अब उज्जैन रोड और बाइपास को जोड़ने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण एमआर 12 तैयार कर रहा है, जिससे होकर पर्यटक इंदौर के शहरी ट्रैफिक का सामना किए बगैर उज्जैन रोड से सीधे ओंकारेश्वर की तरफ चले जाएंगे। इससे दोनों तीर्थ स्थलों के बीच दूरी और यात्रा में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा, क्योंकि सुबह और शाम इंदौर शहर के ट्रैफिक को पार करने के लिए 30 से 45 मिनट का समय लग जाता है। उधर, इंदौर से खंडवा रोड को फोरलेन और उज्जैन रोड को छह लेन करने का काम भी शुरू हो चुका है। इसके बाद उज्जैन से ओंकारेश्वर तक यात्री ढाई से तीन घंटे में जा सकेंगे।
200 करोड़ खर्च हो रहे एमआर-12 में
मास्टर प्लान के हिसाब से एमआर-12 सड़क नौ किलोमीटर लंबी है। यह छह लेन बनेगी। इस पर प्राधिकरण 200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रहा है। 100 करोड़ रुपये तो रेलवे क्रॉसिंग और नाले पर बनने वाले ब्रिज पर ही खर्च होंगे। यह बायपास के अरंडिया गांव से शुरू होकर कैलोद हाला, भांग्या, कुमेड़ी होते हुए इंदौर उज्जैन रोड से जुड़ेगी। इस सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है। इंदौर के संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि सिंहस्थ मेले से पहले सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।
सीएम का उतरा था हेलीकॉप्टर
दो माह पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए थे तो वे एमआर-12 रोड़ के निर्माण कार्य को देखने आए थे। उनका हेलीकॉप्टर इस सड़क पर ही उतारा गया था। तब अफसरों ने उन्हें बताया था कि यह सड़क अगले पचास सालों तक खराब नहीं होगी।
यह होगा एमआर-12 बनने से फायदा
- उज्जैन की तरफ से आने वाले वाहनों को खंडवा या सेंधवा की तरफ जाने के लिए शहर में आने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे इंदौर के बाइपास से कनेक्ट हो जाएंगे।
- इंदौर के आबादी क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही का दबाव कम होगा। अभी एमआर-11 मार्ग से होते हुए भारी वाहन सुखलिया ग्राम, चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा होते हुए लवकुश चौराहा तक जाते है।
- बाइपास और सांवेर रोड के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को चौड़ी सड़क मिलेगी।
- नई सड़क के आसपास बसाहट तेज होगी। रियल एस्टेट सेक्टर को भी मदद मिलेगी।
