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MPPSC Exam: एमपीपीएससी के 605 केंद्रों पर एक लाख 74 हजार छात्रों ने दी परीक्षा
Sun, 17 Dec 2023 11:14 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 17 Dec 2023 11:14 PM IST
सार
MPPSC Exam के लिए इंदौर में 40 हजार आवेदकों के लिए सर्वाधिक 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे लेकिन करीब 31 हजार अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे।
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विस्तार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 MPPSC Exam 2023 में 605 केंद्रों पर 76 प्रतिशत छात्र मौजूद रहे। रविवार को आयोजित परीक्षा में दो लाख 30 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पूरे प्रदेश में आवेदकों की संख्या को देखते हुए 605 सेंटर बनाए गए थे, जिनमें करीब एक लाख 74 हजार अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। इस बार केंद्रों पर नकल प्रकरण की भी सूचना नहीं मिली है। वहीं परीक्षा को लेकर छात्रों का कहना है कि दोनों पेपर सामान्य थे।
इंदौर में 31 हजार छात्र हुए शामिल
इंदौर में 40 हजार आवेदकों के लिए सर्वाधिक 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे लेकिन करीब 31 हजार अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। पहली बार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छह विभागों को केंद्र बनाया गया था। इसमें आइईटी, आइआइपीएस, कामर्स, इकोनामिक्स, कम्प्यूटर साइंस, ईएमआरसी शामिल हैं। साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा के एक घंटे पहले केंद्रों पर बुलाया गया था।
कोई नकल का प्रकरण नहीं बना
आयोग के अधिकारी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रदेशभर में परीक्षा बड़े सामान्य तरीके से संपन्न हुई है। किसी भी केंद्र पर कोई नकल प्रकरण नहीं बना है। पेपर को लेकर भी अभी तक कोई आपत्ति नहीं दर्ज हुई है। दो सत्रों में परीक्षा आयोजित हुई। इसके लिए सरकारी-निजी कालेजों को केंद्र बनाया गया था। लोक सेवा आयोग द्वारा आठ विभागों के 227 रिक्त पदों के लिए परीक्षा कराई गई। इनमें 27 डिप्टी कलेक्टर, 22 पुलिस उप अधीक्षक, 17 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, 16 विकासखंड अधिकारी, 122 सहकारी निरीक्षक, 17 मुख्य नगर पालिका अधिकारी, तीन-तीन नायब तहसीलदार व आबकारी उप निरीक्षक शामिल हैं। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन और दोपहर 2.15 से शाम 4.15 बजे तक सामान्य अभिरुचि परीक्षण का पेपर हुआ।
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इंदौर में 31 हजार छात्र हुए शामिल
इंदौर में 40 हजार आवेदकों के लिए सर्वाधिक 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे लेकिन करीब 31 हजार अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। पहली बार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छह विभागों को केंद्र बनाया गया था। इसमें आइईटी, आइआइपीएस, कामर्स, इकोनामिक्स, कम्प्यूटर साइंस, ईएमआरसी शामिल हैं। साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा के एक घंटे पहले केंद्रों पर बुलाया गया था।
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कोई नकल का प्रकरण नहीं बना
आयोग के अधिकारी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रदेशभर में परीक्षा बड़े सामान्य तरीके से संपन्न हुई है। किसी भी केंद्र पर कोई नकल प्रकरण नहीं बना है। पेपर को लेकर भी अभी तक कोई आपत्ति नहीं दर्ज हुई है। दो सत्रों में परीक्षा आयोजित हुई। इसके लिए सरकारी-निजी कालेजों को केंद्र बनाया गया था। लोक सेवा आयोग द्वारा आठ विभागों के 227 रिक्त पदों के लिए परीक्षा कराई गई। इनमें 27 डिप्टी कलेक्टर, 22 पुलिस उप अधीक्षक, 17 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, 16 विकासखंड अधिकारी, 122 सहकारी निरीक्षक, 17 मुख्य नगर पालिका अधिकारी, तीन-तीन नायब तहसीलदार व आबकारी उप निरीक्षक शामिल हैं। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन और दोपहर 2.15 से शाम 4.15 बजे तक सामान्य अभिरुचि परीक्षण का पेपर हुआ।
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