Indore Test: होलकर स्टेेडियम के खराब पिच को लेकर MPCA रखेगा पक्ष, ताकि डिमेरिट अंक हो सकें कम
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजीव राव ने अमर उजाला को बताया कि मैच रैफरी ने पिच को जिन बिंदुओं पर खराब माना है, उस पर विस्तार से एसोसिएशन अपना पक्ष तैयार कर बीसीसीआई को देगा।
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भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच के खराब पिच के कारण इंदौर को किरकिरी का सामना करना पड़ा। पिच पर जल्दी-जल्दी विकेट गिरे और भारत को हार झेलना पड़ी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने न केवल पिच को खराब माना है, बल्कि रेफरी ने जांच के बाद तीन डिमेरिट अंक दिए हैं। अब इस मामले में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) अपना पक्ष तैयार कर रहा है और यह बताएगा कि पिच अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप ही तैयार हुुआ है। इस बारे में एमपीसीए पदाधिकारियों की एक बैठक भी हुई है। हो सकता है कि एमपीसीए के पक्ष के बाद आईसीसी डिमेरिट अंक कम कर दे और भविष्य में इंदौर में होने वाले मैच पर प्रतिबंध का खतरा टल जाए।
गौरतलब है कि एक मार्च को होलकर स्टेडियम में हुए टेस्ट मैच में दो दिन मेें 30 विकेट गिर गए थे। काली मिट्टी का यह पिच बीसीसीआई के वरिष्ठ क्यूरेटरों की देखरेख में ही तैयार हुआ था। टीम प्रबंधन चाहता था कि नागपुर और दिल्ली मेें हुए पहले व दूसरे टेस्ट मैच में जिस तरह का पिच तैयार हुआ था, वैसा ही काली मिट्टी का पिच इंदौर में तीसरे टेस्ट मैच के लिए भी बने, लेकिन आईसीसी ने पिच को खराब करार दिया।
बीसीसीआई भेजेंगे पक्ष
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजीव राव ने अमर उजाला को बताया कि मैच रैफरी ने पिच को जिन बिंदुओं पर खराब माना है, उस पर विस्तार से एसोसिएशन अपना पक्ष तैयार कर बीसीसीआई को देगा। बीसीसीआई आईसीसी के समक्ष खराब पिच के मुद्दे को उठाकर हमारी तरफ से भेजा गया पक्ष रखेगा।
पहले भी पिच के मामले में इंदौर झेल चुका है दाग
नेहरू स्टेडियम में 25 दिसंबर 1997 को भारत और श्रीलंका के बीच वन डे मैच होना था, लेकिन तब पिच ठीक से तैयार नहीं किया गया और टप्पा खाते ही पिच पर धूल उड़ रही थी और बाॅल के कारण पिच भी उखड़ने लगा था। एक बल्लेबाज को बाॅल लगने से चोट भी लगी थी। इसके बाद श्रीलंका टीम के कप्तान अर्जुन राणातुंगा ने पिच पर खेलने से इनकार कर दिया था। खराब पिच के कारण तब आईसीसी ने इंदौर पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद इंदौर को अंतरराष्ट्रीय मैच मिलना बंद हो गए थे। बाद में एमपीसीए ने नया स्टेडियम बनाया। उसके बाद इंदौर मेें फिर मैच होने लगे।
