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Indore News: मप्र में 30 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले, 15 हजार से अधिक रोजगार मिलेंगे

Fri, 11 Jul 2025 08:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Fri, 11 Jul 2025 08:29 PM IST
सार

Indore News: मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव में बरसा धन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी विकास के लिए 12 हजार 360 करोड़ रुपए की दी सौगातें

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INDORE NEWS - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर में मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। इसमें लगभग 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश में 15 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योग, होटल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, रिन्यूअल एनर्जी, आईटी आदि क्षेत्रों में यह निवेश आए हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में देशभर से आए उद्योगपतियों से सीधे चर्चा की और उनकी परेशानियों को जाना। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत उद्योगों में आने वाली परेशानियां दूर करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से मौजूद थे।
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प्रदेश के विकास के लिए सीएम ने दिए 12 हजार करोड़
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास के लिए 12 हजार 360 करोड़ रुपए की सौगातें भी दी। उन्होंने मुख्य रूप से जल प्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता और अधोसंरचना निर्माण के लिये 5 हजार 454 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों कार्यों की सौगातें दी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 799 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान भी दिया। 
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कहां कितना निवेश आया
उद्योग - 12 हजार 473 करोड़ 
होटल - 3 हजार 344 करोड़ 
रियल एस्टेट - 1812.14 करोड़ 
एजुकेशन - 72.45 करोड़ 
रिन्यूअल एनर्जी - 500 करोड़ 
आईटी - 100 करोड़ 

यहां भी मिले निवेश प्रस्ताव
इसके अलावा इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत 12 निवेशकों से 2 हजार 784 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए एक हजार 320 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया गया है। 

शहरों को मिलेगी नई उड़ान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमारो कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश के शहरों को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुलभ, स्विफ्ट और सुरक्षित परिवहन, किसी भी आधुनिक शहर की रीढ़ होते हैं। भविष्य की ट्रांसपोर्टेशन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर शहरों में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए दी सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपए की सौगातें प्रदान की। इसमें से मुख्य रूप से इंदौर शहर के लिए अमृत 2.0 अंतर्गत जलप्रदाय एवं सीवरेज योजना हेतु 2,382.03 करोड़ की सौगात दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उपयोगित जलप्रदाय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास हेतु 257 परियोजनाओं के लिए 3,562.27 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अंतर्गत 45,503 हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत 19,541 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कुल 65,044 हितग्राहियों को 2,799.26 करोड़ की राशि अंतरण की गई।

सिंहस्थ के लिए आईआईएम से हुआ एमओयू
शहरी प्रशासन के विविध घटकों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से इंटीग्रेट करके अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। नगरीय विकास विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी और हाउसिंग और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुड़को) के मध्य समझौता निष्पादन हुआ। मध्यप्रदेश शासन और IIM इंदौर के बीच सिंहस्थ 2028 की कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु एमओयू किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से की रूबरू चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों से चर्चा की और निवेश की संभावनाओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया। डॉ. यादव ने मुख्य रूप से हुडको के अध्यक्ष संजय कुलश्रेष्ठ, पटेल इंफ्रा के अरविंद विदुलभाई पटेल, आईटीसी के आशीष पाल, एमकेसी इंफ्रा के केतन पटेल, ओमेक्स ग्रुप के मोहित गोयल, मेडुला सॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के शांतनु शर्मा, राठी स्टील लिमिटेड के ध्रुव राठी, मध्य प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सुमित सूरी, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की प्रीति पटेल, डापलमायर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रफुल्ल चौधरी, साई ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के रितेश दास से रु-ब-रु होकर चर्चा की। 

 
विशेष सत्रों का हुआ आयोजन
कॉन्क्लेव में इंटीग्रेटिंग टेफ्रोलॉजी फॉर अर्बन इंडिया, सिटीज ऐज ग्रोथ हब्स, शहरी वानिकी, मोबिलिटी फॉर सिटीज ऑफ टुमोंरी जैसे विषयों पर सत्रों का आयोजन किया गया जिनमें विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रकट किए। अर्बन टेक, अर्बन ग्रीन्स, अर्बन मोबिलिटी और अर्बन इंफ्रा ड्राइव विषय पर सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें विशेषज्ञों ने विचार मंथन किया और सुझाव दिए। 

शहरी विकास को दर्शाती एक्सपो बनी आकर्षण का केन्द्र
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण "अर्बन डेवेलपमेंट एक्सपो' रहा, जिसमें शहरी आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। कॉन्क्लेव स्थल पर एमपी मेट्रो, इंदौर विकास प्राधिकरण और इंदौर नगर निगम प्रमुख प्रदर्शकों में शामिल रहे, जिसमें राज्य की एकीकृत और सतत  गतिशीलता की दिशा में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड, UDA, BD MPIDC, NHAI, HUDCO, MPSEDC, CREDAI, होटल एसोसिएशन, IGBC और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग स्टाल भी लगाए गए। 

सुमित्रा महाजन ने कहा गांव में भी बराबर से सुविधाएं जरूरी
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुए सत्र में मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" विषयक सत्र में प्रमुख सचिव पर्यावरण नवनीत मोहन कोठारी ने कहा कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। सत्र के अंत में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखे। महाजन ने कहा की सभी को साथ लेकर चलने से ही विकास की परिभाषा सफल होती है। गांव में भी शहरों के बराबर सुविधाएं जरूरी हैं। सरकार सभी पर बराबर ध्यान दे रही है। 
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