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Mahavir Jayanti 2023: पहली बार दिगंबर-श्वेतांबर जैन समाज अलग-अलग दिन मनाएगा महावीर जयंती
Sun, 02 Apr 2023 03:34 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 02 Apr 2023 03:34 PM IST
सार
शासन द्वारा पूर्व निर्धारित तिथि बदलने से दोनों समाज अब अलग अलग दिन निकालेंगे रथयात्रा
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Mahavir Jayanti 2023
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
जैन समाज के इतिहास में पहली बार दिगंबर और श्वेतांबर जैन समाज ने अलग-अलग दिन भगवान महावीर की 2621वीं जयंती मनाने का फैसला लिया है। इंदौर में दिगंबर जैन समाज 3 अप्रैल को दोपहर 3.11 बजे 100 वर्ष से चली आ रही परंपरानुसार इतवारिया बाजार स्थित कांच मंदिर से स्वर्ण रथयात्रा निकालेगा। वहीं, समग्र श्वेतांबर जैन समाज के द्वारा 4 अप्रैल को सुबह 8 बजे राजवाड़ा से शोभायात्रा निकाली जाएगी। हर वर्ष की तरह एक दिन महावीर जयंती मनाने को लेकर दोनों समाजों के बीच कई बार बैठक हुई, लेकिन एक दिन पर समन्वय नहीं बन पाया। अब तक एक ही दिन सुबह श्वेतांबर और शाम को दिगंबर जैन समाज समग्र समाज की भागीदारी में रथयात्रा निकालता रहा है। दोनों समाजों के अलग अलग दिन रथयात्रा निकालने का फैसला शासन द्वारा पूर्व निर्धारित तिथि के परिवर्तन 4 से 3 अप्रैल करने के चलते हुआ है।
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी ने बताय कि चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी जिस दिन उदया तिथि में होती है उसी दिन महावीर जयंती मनाई जाती है। इसी के चलते हम 3 अप्रैल को महावीर जयंती मना रहे हैं। पहली बार हो रहा है कि जब दोनों समाज अलग-अलग महावीर जयंती मना रहे हैं। वहीं श्वेतांबर जैन महासंघ के प्रचार सचिव योगेंद्र सांड का कहना है कि महावीर जयंती का शासकीय अवकाश पहले 4 अप्रैल को बताया गया था। इसके चलते समाजजन ने हर वर्ष की तरह बड़ी तैयारियां अवकाश वाले दिन को ध्यान में रखकर की थी। अब ऐनवक्त पर अवकाश में संशोधन कर कर इसे 3 अप्रैल कर दिया गया। 20 हजार लोगों इस आयोजन में भाग लेंगे और इसी के हिसाब से सब तैयारियों को किया जा रहा था। अब इसकी तारीख ऐनवक्त पर नहीं बदली जा सकती है। इसके चलते समग्र श्वेतांबर जैन समाज का महावीर जयंती का चल समारोह 4 अप्रैल को निकालने का फैसला लिया है।
दिगंबर जैन समाज की तैयारियां
प्रमुख संयोजक प्रिंसपाल टोंग्या ने बताया कि दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के तत्वावधान में सोमवार 3 अप्रैल को महावीर जन्म कल्याणक पर स्वर्ण रथयात्रा निकलेगी। पहले सुबह दिगंबर जैन समाज के 121 जिनालयों में प्रभातफेरी निकलेगी व भगवान महावीर स्वामी के अभिषेक होंगे। यात्रा लोहार पट्टी, मल्हारगंज, गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग, नरसिंह बाजार चौराहा होते हुए पुनः कांच मंदिर पहुंचेगी। यहां संतों के प्रवचन होंगे। स्वर्ण रथ के साथ तीन बग्घियां, घुड़सवार, गोटो के लवाजमे, 32 सोशल ग्रुप के सदस्य एवं बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे। यात्रा में स्वर्ण रथ पर रजत सिंहासन पर भगवान महावीर स्वामी की नौ इंच की प्रतिमा विराजमान रहेगी। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित विभिन्न झांकियां भी होंगी।
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श्वेतांबर जैन समाज की तैयारियां
श्वेतांबर जैन महासंघ के अध्यक्ष कैलाश नाहर ने बताया कि इस बार भी भगवान महावीर स्वामी चांदी के रथ पर सवार होंगे। महासंघ द्वारा इस वर्ष 27 साल से निकाले जा रहे चल समारोह का मार्ग भी बदला गया है। 250 महिलाएं दोपहिया वाहन चलाते हुए शामिल होगी। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित विभिन्न झांकियां होंगी। साथ में 45 महिला एवं पुरुष मंडली परमात्मा के भजन गाते हुए चलेंगी। साथ में धार्मिक पाठशाला के 300 बच्चे भगवान महावीर का उद्घोष करते हुए चलेंगे। भगवान महावीर स्वामी के रथ को खरतरगच्छ श्रीसंघ के 108 युवा इंद्र बनकर खींचेंगे। चल समारोह में शामिल होने आचार्य कुलभूषण सूरि भी 500 किलोमीटर का विहार कर इंदौर पहुंचेंगे। यात्रा राजवाड़ा से खजूरी बाजार, गोराकुंड, मल्हारगंज, बड़ा गणपति, महावीर बाग से दलाल बाग पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित होगी।
Mahavir Jayanti 2023
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दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी ने बताय कि चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी जिस दिन उदया तिथि में होती है उसी दिन महावीर जयंती मनाई जाती है। इसी के चलते हम 3 अप्रैल को महावीर जयंती मना रहे हैं। पहली बार हो रहा है कि जब दोनों समाज अलग-अलग महावीर जयंती मना रहे हैं। वहीं श्वेतांबर जैन महासंघ के प्रचार सचिव योगेंद्र सांड का कहना है कि महावीर जयंती का शासकीय अवकाश पहले 4 अप्रैल को बताया गया था। इसके चलते समाजजन ने हर वर्ष की तरह बड़ी तैयारियां अवकाश वाले दिन को ध्यान में रखकर की थी। अब ऐनवक्त पर अवकाश में संशोधन कर कर इसे 3 अप्रैल कर दिया गया। 20 हजार लोगों इस आयोजन में भाग लेंगे और इसी के हिसाब से सब तैयारियों को किया जा रहा था। अब इसकी तारीख ऐनवक्त पर नहीं बदली जा सकती है। इसके चलते समग्र श्वेतांबर जैन समाज का महावीर जयंती का चल समारोह 4 अप्रैल को निकालने का फैसला लिया है।
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दिगंबर जैन समाज की तैयारियां
प्रमुख संयोजक प्रिंसपाल टोंग्या ने बताया कि दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के तत्वावधान में सोमवार 3 अप्रैल को महावीर जन्म कल्याणक पर स्वर्ण रथयात्रा निकलेगी। पहले सुबह दिगंबर जैन समाज के 121 जिनालयों में प्रभातफेरी निकलेगी व भगवान महावीर स्वामी के अभिषेक होंगे। यात्रा लोहार पट्टी, मल्हारगंज, गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग, नरसिंह बाजार चौराहा होते हुए पुनः कांच मंदिर पहुंचेगी। यहां संतों के प्रवचन होंगे। स्वर्ण रथ के साथ तीन बग्घियां, घुड़सवार, गोटो के लवाजमे, 32 सोशल ग्रुप के सदस्य एवं बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे। यात्रा में स्वर्ण रथ पर रजत सिंहासन पर भगवान महावीर स्वामी की नौ इंच की प्रतिमा विराजमान रहेगी। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित विभिन्न झांकियां भी होंगी।
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श्वेतांबर जैन समाज की तैयारियां
श्वेतांबर जैन महासंघ के अध्यक्ष कैलाश नाहर ने बताया कि इस बार भी भगवान महावीर स्वामी चांदी के रथ पर सवार होंगे। महासंघ द्वारा इस वर्ष 27 साल से निकाले जा रहे चल समारोह का मार्ग भी बदला गया है। 250 महिलाएं दोपहिया वाहन चलाते हुए शामिल होगी। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित विभिन्न झांकियां होंगी। साथ में 45 महिला एवं पुरुष मंडली परमात्मा के भजन गाते हुए चलेंगी। साथ में धार्मिक पाठशाला के 300 बच्चे भगवान महावीर का उद्घोष करते हुए चलेंगे। भगवान महावीर स्वामी के रथ को खरतरगच्छ श्रीसंघ के 108 युवा इंद्र बनकर खींचेंगे। चल समारोह में शामिल होने आचार्य कुलभूषण सूरि भी 500 किलोमीटर का विहार कर इंदौर पहुंचेंगे। यात्रा राजवाड़ा से खजूरी बाजार, गोराकुंड, मल्हारगंज, बड़ा गणपति, महावीर बाग से दलाल बाग पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित होगी।
Mahavir Jayanti 2023
