Loksabha Election:लालवानी बोले-रेलवे, सड़क और हवाई मार्ग की बेहतर कनेक्टविटी के कारण इंदौर लाजिस्टिक हब बनेगा
लालवानी ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से इंदौर में 14 ब्रिज तैयार हो रहे है। इंदौर में सिर्फ केसरबाग क्रासिंग पर ब्रिज नहीं था। वह भी मंजूर हो चुका है। उसके बाद इंदौर में एक भी रेलवे क्रासिंग नहीं बचेगा।
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पांच सालों के भीतर जो प्रोजेक्ट इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में शुरू हुए, उसका फायदा आने वाले वर्षों मेें इंदौर को होगा। कांडला से हैदराबाद तक सड़क मार्ग की कनेक्टविटी हो रही है। दिल्ली के लिए एक वैकल्पिक मार्ग रतलाम होते हुए तैयार हो रहा है। इंदौर-खंडवा, इंदौर-दाहोद रेलवे नेटवर्क का काम भी दो से तीन सालों में पूरा हो जाएगा। इससे इंदौर से कई शहरों की दूरी 100 से 150 किलोमीटर तक घट जाएगी।
यह बात इंदौर सीट से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार शंकर लालवानी ने कही। वे मीडिया से चर्चा करते हुए बोले कि- लाजिस्टिक के लिए कई इंटरनेश्नल कंपनियां देश में निवेश के लिए रही है और उनका ध्यान भौगोलिक स्थितियों के कारण इंदौर खींच रहा है,क्योंकि यह देश के मध्य में है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने इंदौर और बेटमा के बीच 11हजार करोड़ की लागत से लाजिस्टिक हब बना रही है। हब के विकसित होने के बाद कंपनियां इंदौर से अपना माॅल देश के दूसरे में भेजेगी। लालवानी ने कहा कि आने वाला कम हमारा बेहतर होगा। इंदौर के भविष्य की शुरूआत हो चुकी है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में नए मार्ग भी तैयार किए जा रहे है। पीथमपुर से बेटमा होते हुए उज्जैन तक एक मार्ग की संभावनाएं देखी जा रही है। वेस्टर्न रिंग रोड का काम जल्दी ही शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से इंदौर में 14 ब्रिज तैयार हो रहे है। इंदौर में सिर्फ केसरबाग क्रासिंग पर ब्रिज नहीं था। वह भी मंजूर हो चुका है। उसके बाद इंदौर में एक भी रेलवे क्रासिंग नहीं बचेगा। सभी पर ब्रिज बन चुके होंगे। रोजगार के सवाल पर लालवानी ने कहा कि प्रदेश मेें सबसे ज्यादा स्टार्टअप इंदौर मेें है। हमनेे उसके लिए ईको सिस्टम भी विकसित किया है। इंदौर में आईटी और स्टार्टअप पार्क भी केंद्र सरकार की मदद से तैयार हो रहे है।
ट्रैफिक के लिए प्रयास कम हुए
जब लालवानी से पूछा गया कि कार्यकाल में कुछ इस तरह के काम जो पूरेे नहीं हो पाए तो उन्होंने कहा कि इंदौर में वाहनों की संख्या ज्यादा है। ट्रैफिक सुधार के लिए काफी काम करना था, लेकिन हो नहीं पाया। जनता ने दूसरी बार मौका दिया तो ट्रैफिक सुधार की दिशा में प्रयास करूंगा। इंदौर में उड़ानों की संख्या बढ़ाना भी जरुरी है।
