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Indore News: केके मेनन बोले- लंदन से भी अच्छा शहर है इंदौर, खानपान, स्वच्छता सब शानदार
Thu, 17 Aug 2023 02:48 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:48 PM IST
सार
केके मेनन इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने खानपान के लिए मशहूर 56 दुकान विजिट की और कहा इंदौर को हम स्वच्छता और खानपान की वजह से ही जानते हैं।
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INDORE NEWSकेके मेनन ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी मुलाकात की।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
फिल्म अभिनेता केके मेनन इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने खानपान के लिए मशहूर 56 दुकान विजिट की और कहा इंदौर को हम स्वच्छता और खानपान की वजह से ही जानते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में भी इंदौर के स्वाद के चर्चे रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां की स्वच्छता देखकर मैं कह सकता हूं कि यह लंदन से भी शानदार शहर है। एक्टर केके मेनन की फिल्म 'लव ऑल' 25 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म के प्रमोशन के लिए ही वह यहां आए थे।
बच्चों को मैदान ले जाइए, मोबाइल छुड़ाइए
उन्होंने कहा कि बच्चे आज गैजेट्स में डूब चुके हैं। उन्हें इससे बाहर लाना बहुत जरूरी है। वे खेल भी मोबाइल पर खेलते हैं और मैदान खाली पड़े हैं। माता-पिता को बच्चों को बाहर किसी खेल के साथ जोड़ना चाहिए। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को किसी न किसी खेल गतिविधि से जुड़े रहना चाहिए। ओटीटी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ओटीटी की वजह से दर्शक अच्छा कंटेंट देख पा रहे हैं। हालांकि ओटीटी बनाने वाले निर्माताओं को हमेशा समाज को केंद्र में रखना चाहिए और सेंसरशिप के बटन की जब जरूरत हो तो इसे दबा देना चाहिए। छुपा हुआ टैलेंट जब सामने आता है तो दिशा मिल जाती है। आप किसी को एक्टिंग करना नहीं सिखा सकते। जब तक कोई सीखना नहीं चाहे वह कुछ भी नहीं सीख सकता।
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बच्चों को मैदान ले जाइए, मोबाइल छुड़ाइए
उन्होंने कहा कि बच्चे आज गैजेट्स में डूब चुके हैं। उन्हें इससे बाहर लाना बहुत जरूरी है। वे खेल भी मोबाइल पर खेलते हैं और मैदान खाली पड़े हैं। माता-पिता को बच्चों को बाहर किसी खेल के साथ जोड़ना चाहिए। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को किसी न किसी खेल गतिविधि से जुड़े रहना चाहिए। ओटीटी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ओटीटी की वजह से दर्शक अच्छा कंटेंट देख पा रहे हैं। हालांकि ओटीटी बनाने वाले निर्माताओं को हमेशा समाज को केंद्र में रखना चाहिए और सेंसरशिप के बटन की जब जरूरत हो तो इसे दबा देना चाहिए। छुपा हुआ टैलेंट जब सामने आता है तो दिशा मिल जाती है। आप किसी को एक्टिंग करना नहीं सिखा सकते। जब तक कोई सीखना नहीं चाहे वह कुछ भी नहीं सीख सकता।
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