Indore: इंदौर में महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या, ट्रैफिक थाने में थी पदस्थ
परिजनों ने बताया कि मानसी की बातों से नहीं लगा था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेगी,क्योकि कभी उनसे किसी तरह की परेशानी की बात नहीं कही। रात को उसकी आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद परिजन इंदौर पहुंचे।
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इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र मेें एक लेडी कांस्टेबल ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह महूनाका केे ट्रैफिक थाने में पदस्थ थी। बाणगंगा में वह किराए का मकान लेकर रहती थी। शनिवार शाम को उसे उसके एक दोस्त ने काॅल किया था, लेकिन उसने काॅल रिसीव नहीं किया तो वह रात को घर पहुंचा। तब मानसी पिता गणेश मुराडि़या फंदे पर लटकी थी।
दोस्त ने उसे फंदे से उतारा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानसी ने आत्महत्या क्यों की। इसकी वजह पुलिस को पता नहीं चली। उसके कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला।
तीन साल पहले मिली थी नौकरी
मानसी ने परीक्षा पास कर आरक्षक बनी थी। तीन साल पहले उसकी पहली पोस्टिंग इंदौर मेें हुई थी। वह मूलत: सतवास की रहने वाली है। उसके पिता बस चालक है। मानसी ने शाम को अपने पिता से फोन पर बात की थी।
परिजनों ने बताया कि मानसी की बातों से नहीं लगा था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेगी,क्योकि कभी उनसे किसी तरह की परेशानी की बात नहीं कही। रात को उसकी आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद परिजन इंदौर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। उसका अंतिम संस्कार पैैतृक गांव में किया गया।
मानसी का मोबाइल भी नहीं मिला
रात को मानसी का दोस्त आयुष उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था। पुलिस को मानसी का फोन भी उसके कमरे में नहीं मिला। परिजनों ने बताया कि वह अपने एक परिचित की शादी मेें जाने वाली थी। इसके लिए उसने छुट्टी की अर्जी भी दी थी। नए कपड़े भी खरीदे थे। अचानक से आत्मत्या की खबर आने के बाद परिजन भी सदमे में है। उन्होंने मामले की जांच करने के लिए भी अफसरों से कहा है।
