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Indore: नारीशक्ति की मिसाल बनीं वंदना, सामाजिक चुनौतियों से लड़कर पाया मप्र की पहली महिला बॉडीबिल्डर का खिताब
Fri, 23 Feb 2024 03:59 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 23 Feb 2024 03:59 PM IST
सार
पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए वंदना ने महिला बॉडी बिल्डर के रूप में न सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व किया है, बल्कि प्रतिष्ठित वर्ल्ड पॉवरलिफ्टिंग यूनियन सर्टिफिकेशन भी अपने नाम कर चुकी हैं।
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मप्र की पहली महिला बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महिलाओं पर आधारित मदर विट और इनर डांस जैसी सुप्रसिद्ध किताबें लिख चुकीं लेखिका डायने मैरिचिल्ड कहती हैं कि महिलाएं एक पूर्ण चक्र की तरह होती हैं, जिसके अंदर सृजन, पोषण और परिवर्तन करने की शक्ति होती है। इस बात को मध्य प्रदेश की एक बेटी ने असल जिंदगी में दोहराने का काम किया है, जिसने कम उम्र में ही अपने सिर से पिता का साया खो दिया, महज 12 साल की उम्र में मां को कैंसर जैसी बिमारी से जूझते देखा और अपना व परिवार के पालन-पोषण के लिए किराने का सामान भी बेचा, लेकिन हौसला नहीं हारा। उन्होंने इस कुछ कर गुजरने के जूनून को इतना मजबूत बना लिया कि आज उन्हें मध्य प्रदेश की पहली महिला बॉडी बिल्डर के रूप में जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जैसे कई नेशनल-इंटरनेशनल खिताब अपने नाम कर चुकीं, इंदौर के एक मध्यम वर्गीय सैन्य परिवार से आने वाली वंदना ठाकुर की।
पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए वंदना ने महिला बॉडी बिल्डर के रूप में न सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व किया है, बल्कि प्रतिष्ठित वर्ल्ड पॉवरलिफ्टिंग यूनियन सर्टिफिकेशन भी अपने नाम कर चुकी हैं। साल 2017, 18 और 19 में लगातार तीन साल पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में विभिन्न नेशनल चैंपियनशिप्स अपने नाम कर चुकी मध्य प्रदेश की इस बेटी ने मिस इंडिया प्रतियोगिता और नेशनल चैंपियनशिप्स में जीत हासिल करते हुए, भारतीय खेल इतिहास में सबसे मजबूत महिला खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है।
वर्ल्ड चैम्पियनशिप पर टिकी निगाहें
वंदना की निगाहें अब एशियन चैंपियनशिप पर टिकी हैं, साथ ही वह वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारी भी कर रही हैं। इंदौर-उज्जैन डिवीजन पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018-2019 का खिताब भी अपने नाम कर चुकीं वंदना उन प्रत्येक लड़कियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गईं हैं जो कुछ कर गुजरने का साहस तो रखती हैं लेकिन चुनौतियों के आगे हार मान जाती हैं और असीम क्षमता होने के बावजूद खुद को परिस्थितिओं के सहारे ही छोड़ देती हैं। वंदना ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक अपने नाम तो किया ही है और अंततः वैश्विक मंच पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
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पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए वंदना ने महिला बॉडी बिल्डर के रूप में न सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व किया है, बल्कि प्रतिष्ठित वर्ल्ड पॉवरलिफ्टिंग यूनियन सर्टिफिकेशन भी अपने नाम कर चुकी हैं। साल 2017, 18 और 19 में लगातार तीन साल पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में विभिन्न नेशनल चैंपियनशिप्स अपने नाम कर चुकी मध्य प्रदेश की इस बेटी ने मिस इंडिया प्रतियोगिता और नेशनल चैंपियनशिप्स में जीत हासिल करते हुए, भारतीय खेल इतिहास में सबसे मजबूत महिला खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है।
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वर्ल्ड चैम्पियनशिप पर टिकी निगाहें
वंदना की निगाहें अब एशियन चैंपियनशिप पर टिकी हैं, साथ ही वह वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारी भी कर रही हैं। इंदौर-उज्जैन डिवीजन पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018-2019 का खिताब भी अपने नाम कर चुकीं वंदना उन प्रत्येक लड़कियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गईं हैं जो कुछ कर गुजरने का साहस तो रखती हैं लेकिन चुनौतियों के आगे हार मान जाती हैं और असीम क्षमता होने के बावजूद खुद को परिस्थितिओं के सहारे ही छोड़ देती हैं। वंदना ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक अपने नाम तो किया ही है और अंततः वैश्विक मंच पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
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