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इंदौर में ‘नो यूपीआई डे’: व्यापारियों ने क्यूआर कोड पर लगाया काला कपड़ा, दो हजार से ज्यादा के शुल्क का विरोध

Wed, 23 Sep 2026 03:02 PM IST
इंदौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: इंदौर ब्यूरो Updated Wed, 23 Sep 2026 03:02 PM IST
सार

इंदौर में व्यापारियों ने प्रस्तावित यूपीआई मर्चेंट शुल्क के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। राजबाड़ा समेत कई बाजारों में क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढका गया और ग्राहकों से नकद भुगतान की अपील की गई। 

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Indore No UPI Day Traders Cover QR Codes With Black Cloths to Protest Fees on Transactions Above two thousand
इंदौर में यूपीआई मर्चेंट पेमेंट शुल्क का विरोध - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

इंदौर शहर में बुधवार को व्यापारियों ने प्रस्तावित यूपीआई मर्चेंट पेमेंट शुल्क के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर शहर के अलग-अलग बाजारों में व्यापारियों ने UPI से भुगतान नहीं लेने का निर्णय लिया। राजबाड़ा सहित प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों पर ‘नो यूपीआई डे’ के पोस्टर लगाए गए और ग्राहकों से डिजिटल भुगतान के बजाय नकद भुगतान करने की अपील की गई। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर लगे क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराया। कुछ स्थानों पर व्यापारियों ने सड़क पर क्यूआर कोड रखकर भी प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ अपना विरोध जताया। इंदौर के 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने इस अभियान में भाग लेने की घोषणा की थी।
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क्यूआर कोड ढककर जताया विरोध
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान लंबे समय से व्यापारिक लेन-देन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। इसी के विरोध में व्यापारियों ने एक दिन के लिए यूपीआई भुगतान से दूरी बनाकर अपनी बात सरकार और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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दो हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क का विरोध
व्यापारियों के मुताबिक, दो हजार से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर को लेकर व्यापारी संगठनों में नाराजगी है। नए ढांचे के अनुसार दो हजार तक के मर्चेंट यूपीआई भुगतान और कुछ छोटे व्यापारियों के लेन-देन पर शुल्क से छूट रहेगी। व्यापारियों का कहना है कि देशभर में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया गया है। ऐसे में यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
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कई व्यापारिक संगठन अभियान में शामिल
इस अभियान में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन सहित शहर के कई व्यापारिक संगठन शामिल हुए। व्यापारियों ने कहा कि बुधवार को ग्राहकों से नकद भुगतान लेने की व्यवस्था की गई है। बाजारों में दुकानदारों ने ग्राहकों को पहले ही यूपीआई के बजाय कैश से भुगतान करने की जानकारी दी। व्यापारी संगठनों ने दावा किया कि इस विरोध अभियान को दिल्ली और अलग-अलग राज्यों के व्यापारिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि यूपीआई पर प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ सकती है, इसलिए इस व्यवस्था पर व्यापारिक संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए।

सरकार से पुनर्विचार की मांग
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित यूपीआई शुल्क को लेकर व्यापारिक संगठनों से चर्चा की जाए और छोटे व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जाए। व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि मर्चेंट पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ है। इंदौर के बाजारों में ‘नो यूपीआई डे’ के दौरान क्यूआर कोड पर काला कपड़ा और दुकानों पर लगे पोस्टर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान के जरिए वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और प्रस्तावित शुल्क पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
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