Indore: आरएसएस का मालवा प्रांत मार्च से बदलेगा इंदौर और उज्जैन संभाग में, होंगे संभाग प्रचारक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यप्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। मालवा प्रांत को समाप्त कर इंदौर और उज्जैन को अलग-अलग संभाग के रूप में गठित किया जाएगा। नई व्यवस्था में प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक की जिम्मेदारी होगी।
विस्तार
आरएसएस ने संगठन के काम की दृष्टि से इंदौर और उज्जैन संभाग को मिलाकर मालवा प्रांत का वर्ष 2009 में गठन किया था, लेकिन अगले वर्ष मार्च से फिर इसमें बदलाव किया जा रहा है। इसकी तैयारी संघ स्तर पर हो चुकी है। इस बदलाव के बाद आरएसएस में प्रांत प्रचारक के बजाय संभाग प्रचारक का पद होगा। बाकी अन्य पदों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
पांच माह पहले हरियाणा में हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी है। दरअसल, अब संघ का फोकस युवा और सोशल इंजीनियरिंग पर ज्यादा है। संघ के आनुषंगिक संगठनों की भूमिका भी इसमें बढ़ गई है।
काम को आसान करने के लिए प्रांत को और छोटा किया जा रहा है। मालवा प्रांत के पदाधिकारियों के अनुसार, संभाग स्तर पर नई व्यवस्था बनाने की तैयारी हो चुकी है। पदों की संरचना भी संभाग स्तर पर होने वाले गठन के दौरान ही हो जाएगी।मालवा प्रांत में पांच हजार से ज्यादा शाखाएं हैं। इसकी संख्या दो संभागों में बदले जाने के बाद बढ़ेगी और संघ का विस्तार और व्यापक होगा।
प्रदेश में 11 संभाग
अभी प्रदेश में संघ के तीन प्रांत मालवा, महाकौशल और मध्य भारत हैं। बदलाव के बाद पूरे प्रदेश में 11 संभाग होंगे। इससे नए और ज्यादा पदाधिकारी बनेंगे और उनके संपर्क भी ज्यादा बढ़ेंगे। संभाग स्तर पर नई व्यवस्था के अलावा प्रदेश स्तर की कार्यसमिति भी रहेगी। संभाग प्रचारकों के अलावा प्रदेश प्रचारक का पद भी हो सकता है।इंदौर संभाग का कार्यालय सुदर्शन भवन में संचालित होगा, जबकि उज्जैन का कार्यालय शिप्रा नदी के पास स्थित भवन से संचालित हो सकता है।
