Indore: तीन साल पहले सड़क के लिए तोड़े मकान हो गए थे खतरनाक, निगम ने फिर तोड़ा
खतरनाक होने के कारण लोगों ने मकानों में रहना छोड़ दिया था, लेकिन खतरनाक हिस्से सड़क पर चल रहे लोगों पर गिरने का अंदेशा हमेशा बना रहता था। अफसरों ने मकान मालिकों को विश्वास में लिया और बचे हिस्से को तोड़ने के लिए उन्हें राजी कर लिया।
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इंदौर में कान्ह नदी किनारे नई सड़क बनाने के लिए नगर निगम ने प्रेमसुख ब्रिज से गौतमपुरा ब्रिज तक आधा किलोमीटर की सड़क बनाई। इसके लिए सड़क चौड़ाई में बाधक बन रहे मकानों को तीन साल पहले हटाया गया था, लेकिन मकान मालिकों ने बचे मकानों की न तो मरम्मत की और न ही नया निर्माण किया।
आधे टूटे मकान तीन साल बाद खतरनाक स्थिति में पहुंच गए थे। उनके गिरने से हादसा हो सकता था। इसके मद्देनजर नगर निगम की रिमूवल गैंग ने 18 निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
खतरनाक होने के कारण लोगों ने मकानों में रहना छोड़ दिया था, लेकिन खतरनाक हिस्से सड़क पर चल रहे लोगों पर गिरने का अंदेशा हमेशा बना रहता था। अफसरों ने मकान मालिकों को विश्वास में लिया और बचे हिस्से को तोड़ने के लिए उन्हें राजी कर लिया। इसके बाद शनिवार सुबह नगर निगम की रिमूवल गैंग मौके पर पहुंची। पहले मार्ग के ट्रैफिक को रोका गया। दो घंटे के भीतर मकान तोड़ दिए गए। इस सड़क में एक मंदिर भी है, लेकिन नगर निगम ने उसे नहीं हटाया। मंदिर के आसपास के हिस्से को सुरक्षित किया गया है।
मध्य क्षेत्र में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए नगर निगम कान्ह नदी के किनारे सड़क बना रहा है। 25 साल पहले संजयसेतू का निर्माण किया गया था। जिसका विस्तार तीन साल पहले गौतमपुरा ब्रिज किया गया, लेकिन इस नई सड़क में 50 से ज्यादा बाधक मकान थे। कुछ मकान आधे चौड़ाई की जद में आ रहे थे। पहले आधे हिस्से तोड़े गए थे, लेकिन अब पूरे मकान तोड़े गए।
