Indore: सोलर पावर प्लांट के लिए शटडाउन, दो दिन इंदौर के कई इलाकों में नहीं आएगा पानी
नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए बाण्ड से 300 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। सोलर प्लांट से 60 मेगावाट बिजली बनेगी, जिसका उपयोग जलूद से इंदौर तक पानी लाने में किया जाएगा। इससे नगर निगम के बिजली बिलों में कटौती होगी।
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इंदौर से 70 किलोमीटर दूर जलूद में नगर निगम 300 करोड़ रुपये की लागत से सोलर प्लांट लगा रहा है। यह काम लगभग पूरा हो चुका है। एनर्जी प्लांट की पाॅवर ट्रांसमिशन लाइनों का काम होना है। इसके अलावा 132 केवी सब स्टेशन भी इससे जोड़े जाएंगे। इस कारण नगर निगम ने शनिवार व रविवार को शटडाउन लिया है। इस कारण रविवार को शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होगी।
रविवार को छत्रीबाग, अन्नपूर्णा, राज मोहल्ला, लोकमान्य नगर, महाराणा प्रताप नगर, नौलखा, टिगरिया बादशाह, सुभाष चौक, सदर बाजार, मल्हारगंज, खातीवाला टैंक, स्नेह नगर, शेखर नगर सहित अन्य इलाकों से जुड़ी टंकियां पर्याप्त मात्रा में नहीं भर पाएगी। इस कारण इन इलाकों में कम दबाव से नल आएंगे।
60 मेगा वाट बिजली बनेगी
नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए बाण्ड से 300 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। सोलर प्लांट से 60 मेगावाट बिजली बनेगी, जिसका उपयोग जलूद से इंदौर तक पानी लाने में किया जाएगा। इससे नगर निगम के बिजली बिलों में कटौती होगी।
इंदौर नगर निगम को हर साल दो सौ करोड़ रुपये नर्मदा के तीनों चरणों से इंदौर तक पानी लाने के लिए बिजली पर खर्च करना पड़ते है। 70 किलोमीटर दूर से नर्मदा तटों से नर्मदा जल इंदौर तक लाया जाता है। 500 एमएलडी से ज्यादा पानी रोज इंदौर आता है और पचास से ज्यादा टंकियों के जरिए 35 लाख शहरवासियों तक पहुंचता है। इंदौर में नर्मदा के चौथे चरण का काम भी हो रहा है। शहर के 29 गांवों में भी इसके बाद नर्मदा जल पहुंच जाएगा। अभी बायपास, देवास नाका, सुपर काॅरिडोर में नर्मदा लाइन नहीं है।
