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Indore: बुजुर्गों की गायकी ने जीता दिल, सधे कदमों से मंच तक पहुंचे और विजेता का खिताब हासिल कर खिले चेहरे
Mon, 19 Feb 2024 07:50 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 19 Feb 2024 07:50 PM IST
सार
इस प्रतियोगिता में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिस्पर्धी ही भाग ले सकते थे, जिसमें सिर्फ हिंदी फिल्मों के गानों को ही मान्यता थी। सेमी फाइनल का आयोजन 16 फरवरी और फाइनल का आयोजन 18 फरवरी, 2024 को किया गया।
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गायकी में कमाल दिखाने वाले सीनियर्स को पुरस्कृत किया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में एक अलग ही आयोजन हुआ। 60 साल से ज्यादा उम्रदराज लोगों को गायकी का मंच दिया गया। शानदार प्रदर्शन करने वाले बुजुर्गों को पुरस्कृत किया गया। दो विजेताओं को 51000 और 21000 रुपये की नकद राशि से पुरस्कृत किया गया।
वो कहते हैं न कि हुनर कभी उम्र का मोहताज नहीं होता, इसकी मिसाल के रूप में इंदौर की संस्था आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर में रविवार को वॉइस ऑफ सीनियर्स-6 का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों की गायन प्रतियोगिता हुआ। महू की माला स्टीफन्स ने प्रथम और सुनेत्रा अम्बर्डेकर ने द्वितीय स्थान हासिल किया। अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन वरिष्ठ लोगों को प्रोत्साहित करने और उनके हुनर की खुलकर पेशकश करने का सबसे सार्थक माध्यम हैं। इस वर्ष हमें 350 रजिस्ट्रेशन्स प्राप्त हुए, जिनमें से शीर्ष दो विजेताओं का चयन जजेस द्वारा किया गया।
बता दें कि इस प्रतियोगिता में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिस्पर्धी ही भाग ले सकते थे, जिसमें सिर्फ हिंदी फिल्मों के गानों को ही मान्यता थी। सेमी फाइनल का आयोजन 16 फरवरी और फाइनल का आयोजन 18 फरवरी, 2024 को किया गया। तीन राउंड में हुए। फाइनल में सभी प्रतिभागियों को जजेस द्वारा अलग-अलग टास्क दिए गए, जिन्हें सबसे बेहतरी से पूरा करने वाले पांच प्रतिभागी अगले राउंड के लिए चयनित हुए। समान प्रक्रिया इस राउंड में भी दोहराई गई, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दो प्रतिभागियों के नाम विजेता का खिताब कर उन्हें सम्मानित किया गया।
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वो कहते हैं न कि हुनर कभी उम्र का मोहताज नहीं होता, इसकी मिसाल के रूप में इंदौर की संस्था आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर में रविवार को वॉइस ऑफ सीनियर्स-6 का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों की गायन प्रतियोगिता हुआ। महू की माला स्टीफन्स ने प्रथम और सुनेत्रा अम्बर्डेकर ने द्वितीय स्थान हासिल किया। अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन वरिष्ठ लोगों को प्रोत्साहित करने और उनके हुनर की खुलकर पेशकश करने का सबसे सार्थक माध्यम हैं। इस वर्ष हमें 350 रजिस्ट्रेशन्स प्राप्त हुए, जिनमें से शीर्ष दो विजेताओं का चयन जजेस द्वारा किया गया।
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बता दें कि इस प्रतियोगिता में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिस्पर्धी ही भाग ले सकते थे, जिसमें सिर्फ हिंदी फिल्मों के गानों को ही मान्यता थी। सेमी फाइनल का आयोजन 16 फरवरी और फाइनल का आयोजन 18 फरवरी, 2024 को किया गया। तीन राउंड में हुए। फाइनल में सभी प्रतिभागियों को जजेस द्वारा अलग-अलग टास्क दिए गए, जिन्हें सबसे बेहतरी से पूरा करने वाले पांच प्रतिभागी अगले राउंड के लिए चयनित हुए। समान प्रक्रिया इस राउंड में भी दोहराई गई, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दो प्रतिभागियों के नाम विजेता का खिताब कर उन्हें सम्मानित किया गया।
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