फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Savarkar's grandson Satyaki said - there was a lack in understanding Veer Savarkar.

Indore: सावरकर के पोते सात्यकी ने कहा- वीर सावरकर को समझने में कमी रह गई

Tue, 20 Jan 2026 06:37 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 20 Jan 2026 06:37 PM IST
सार

 वीर सावरकर के पोते सात्यकी ने कहा कि देश के सामने हमेशा उनका क्रांतिकारी स्वरूप ही सामने आता है, लेकिन वे हिन्दू धर्म के अच्छे ज्ञाता थे। उन्होंने हिन्दू धर्म को गहराइयों को गहराई अध्ययन किया। इसका वर्णन वे हमेशा अपने साहित्य में भी करते थे। 

विज्ञापन
Indore: Savarkar's grandson Satyaki said - there was a lack in understanding Veer Savarkar.
सात्यकी सावरकर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वीर सावरकर के पोते सात्यकी इंदौर में थे। वे एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने अपने दादा के बारे में कहा कि वीर सावरकर को समजने में थोड़ी कभी रह गई। वे दूरदृष्टा विचारक, भावुक कवि, समाज सुधारक थे। हमेशा उन्होंने देश की आजादी के बारे में सोचा, लेकिन वे सत्ताधारी दल के द्वेष का शिकार रहे। देशवासियों के सामने उनके अधूरे व्यक्तित्व को पेश किया गया। उनका व्यक्तित्व शोध और गहन अध्ययन का विषय है।

विज्ञापन

 

सात्यकी ने कहा कि देश के सामने हमेशा उनका क्रांतिकारी स्वरूप ही सामने आता है, लेकिन वे हिन्दू धर्म के अच्छे ज्ञाता थे। उन्होंने हिन्दू धर्म को गहराइयों को गहराई अध्ययन किया। इसका वर्णन वे हमेशा अपने साहित्य में भी करते थे। आजादी के पहले देश में व्याप्त जात-पात की छुआ छूत की समस्याओं के विरुद्ध न सिर्फ आवाज उठाई बल्कि रत्नागिरी में एक मंदिर भी बनाया। इस तरह का उदाहरण किसी समाजसुधारक ने पेश नहीं किया।

विज्ञापन

 

कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि सावरकर के जीवन के अन्य पहलुओं पर भी मनन की जरूरत है। वे स्वातंत्र्य वीर तो थे ही, साथ ही विज्ञान निष्ठ, मराठी, हिन्दी भाषा के विद्वान थे उन्होंने संसदीय भाषा वाली में भी अनेक शब्द दिए जो आज प्रचलन में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

कीर्तीश धामारीकर शास्त्री, अजय करंदीकर ने बताया कि इस कार्यक्रम मे वीर सावरकर के सकाळ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित चार पुस्तक खंडो का लोकार्पण किया गया।अतिथियों का स्वागत गिरीश देशपांडे ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed