Indore: तीसरे दिन भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, सड़कों पर फैला कचरा, गाडि़यां भी नहीं आ रही
देश में स्वच्छता की मिसाल बने इंदौर की तस्वीर इन दिनों बदली नजर आ रही है। सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। बीते तीन दिनों से कॉलोनियों, मोहल्लों और प्रमुख बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।
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देश में स्वच्छता की मिसाल बन चुके इंदौर में बीते दस साल में कभी भी कचरे के ढेर और गंदगी के दृश्य देखने को नहीं मिले, लेकिन बीते तीन दिनों से शहर की कॉलोनियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े हैं। जिन इलाकों में सफाईकर्मी रहते हैं, वहाँ के आसपास की कॉलोनियों में तो ज्यादा कचरा नजर आ रहा है।
वहाँ सड़कों पर कचरा फेंका जा रहा है। दरअसल, शहर के पाँच हजार से ज्यादा सफाईकर्मी अपनी माँग पूरी नहीं होने के कारण पाँच अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
शहर के प्रमुख बाजारों से भी कचरा नहीं उठने से दुकानदार भी चिंता में पड़ गए हैं, क्योंकि तीन दिन से कचरा दुकानों में रखना पड़ रहा है। सोमनाथ की चाल, नेहरू नगर, पलासिया, नंदानगर, बाणगंगा, अन्नपूर्णा सहित कई इलाकों में सफाई नहीं हुई।
खाली प्लॉटों और खुले स्थानों पर फेंक रहे कचरा
शहर में पाँच सौ से ज्यादा कचरा वाहन हर दिन आठ सौ टन कचरा घर-घर जाकर एकत्र करते हैं। ज्यादातर इलाकों में गाड़ियाँ नहीं पहुँचीं। दो दिन से घर में कचरा रखने से परेशान रहवासियों ने खुले स्थान और आसपास के खाली प्लॉटों पर कचरा फेंक दिया। इसके अलावा पेड़ों की पत्तियों का कचरा भी हवा में दिनभर उड़ता रहा और सड़कों पर फैलता रहा। हड़ताल कर रहे सफाईकर्मियों से हड़ताल समाप्त करने के प्रयास भी जनप्रतिनिधियों ने शुरू कर दिए हैं, लेकिन अभी तक सकारात्मक हल नहीं निकला।
