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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Plans underway to ban new borewells in Indore; groundwater levels set to drop as ponds remain empty.

इंदौर: इंदौर में नए बोरिंगों पर रोक लगाने की तैयारी, तालाब खाली रहने से गिरेगा भू-जल स्तर

Tue, 13 Oct 2026 08:20 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Tue, 13 Oct 2026 08:20 AM IST
सार

इस साल मार्च में दस हजार से ज्यादा बोरिंग सूखने और लोगों को टैंकरों पर निर्भर होना पड़ा था। ऐसे में अगले साल हालात और बिगड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए नगर निगम ने नवंबर से ही नए बोरिंग के खनन पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

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Indore: Plans underway to ban new borewells in Indore; groundwater levels set to drop as ponds remain empty.
इंदौर में जलसंकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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इंदौर में अगले साल शहरवासियों को जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर में नए बोरिंग के खनन पर रोक लगाने का प्रस्ताव भेजा है। आमतौर पर यह रोक मार्च महीने में लगाई जाती है, लेकिन इस बार नवंबर से ही इसे लागू करने की तैयारी है। दरअसल, इस साल मार्च में दस हजार से ज्यादा बोरिंग सूख गए थे और लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा था। इसके चलते अब शहर में धड़ल्ले से बोरिंग कराए जा रहे हैं। जिन लोगों के बोरिंग कम गहराई के हैं, वे भी री-बोरिंग कराकर उनकी गहराई बढ़वा रहे हैं।
 

इस कारण इंदौर में बोरिंग कराने की मांग बढ़ने से इसकी लागत भी अभी से बढ़ गई है। शहर के बिलावली, पिपलियापाला और निरंजनपुर जैसे इलाकों में भूजल स्तर अपेक्षाकृत बेहतर रहता है, क्योंकि इनके आसपास तालाब हैं। हालांकि, इस साल तालाब भी पर्याप्त नहीं भर पाए हैं और आशंका है कि वे भी जल्द सूख जाएंगे। इसके चलते इस बार बड़ी संख्या में बोरिंग सूख सकते हैं और उनके सूखने की रफ्तार भी तेज हो सकती है। इसे लेकर शहर के जनप्रतिनिधि भी चिंतित हैं।

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मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम ने अभी से जलसंकट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य कर दी गई है। हाल ही में कुछ संस्थानों में वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था नहीं पाए जाने पर उनके चालान भी बनाए गए हैं।

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निजी बोरिंग का रिकॉर्ड नहीं

शहर में कितने निजी बोरिंग हैं, इसका रिकॉर्ड नगर निगम के पास भी नहीं है। करीब दस साल पहले निजी बोरिंग कराने वालों के पंजीयन की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन रहवासियों ने अपने बोरिंग की जानकारी नहीं दी। हालांकि, शहर के सार्वजनिक बोरिंग का रिकॉर्ड नगर निगम के पास उपलब्ध है। शहर में सात हजार से ज्यादा सार्वजनिक बोरिंग हैं। इस साल गर्मी के दौरान ये बोरिंग भी सूख गए थे।

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