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इंदौर: चार महीने में 5वीं बार धंसी सड़क, इस बार परदेशीपुरा में खुली विकास के दावों की पोल
Wed, 07 Oct 2026 08:43 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:43 AM IST
सार
परदेशीपुरा में ड्रेनेज चैंबर के पास एक साल में दूसरी बार सड़क धंसने की घटना हुई है, जिससे सड़क के नीचे बड़ा खोखलापन बन गया। चार महीने में शहर की यह पांचवीं घटना है, जिसने निगम के निर्माण कार्य और पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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परदेशीपुरा में हवा में लटका सड़क का स्लैब
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
परदेशीपुरा की गली नंबर-3 में ड्रेनेज चैंबर के पास एक बार फिर सड़क धंसने का गंभीर मामला सामने आया है। शहर में बीते चार महीनों के भीतर यह इस तरह की पांचवीं घटना है। कंक्रीट की परत टूटने के बाद सड़क के नीचे जमीन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह खोखला पाया गया। मौके पर स्थिति इतनी खराब नजर आई कि सड़क का एक बड़ा कंक्रीट स्लैब हवा में ही लटका रह गया। घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को नगर निगम के जनकार्य विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित इंजीनियर को मौके पर भेजकर विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
पुराना ड्रेनेज चैंबर और खराब भराव की आशंका
नगर निगम के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पुराना ड्रेनेज चैंबर ढहने की वजह से ही सड़क धंसने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पाई गई ड्रेनेज लाइन काफी पुरानी बताई जा रही है, हालांकि चैंबर का ऊपरी ढक्कन नया प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क के नीचे यह खोखलापन भूमिगत लीकेज की वजह से बना है या फिर चैंबर के आसपास की गई खराब भराव सामग्री के कारण, यह पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
एक ही स्थान पर एक साल में दूसरी बार हादसा
स्थानीय निवासियों और जानकारी के अनुसार, ठीक इसी स्थान पर करीब एक साल पहले भी सड़क धंस चुकी थी। उस समय निगम प्रशासन द्वारा चैंबर की मरम्मत कराकर मिट्टी का भराव करा दिया गया था। अब दोबारा उसी जगह सड़क धंसने से ड्रेनेज लाइन के रखरखाव, भराव की प्रक्रिया और पूर्व में किए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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लीकेज और मिट्टी बहने से बनता है खोखलापन
पूर्व कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता ने इस तकनीकी समस्या की वजह बताते हुए कहा कि पुरानी भूमिगत ड्रेनेज लाइनों में जब लीकेज होता है, तो बहते पानी के साथ आसपास की मिट्टी भी धीरे-धीरे बह जाती है। इस प्रक्रिया से सड़क के नीचे का ढांचा खाली हो जाता है और खोखलापन बन जाता है। इसके अलावा, नए निर्माण के समय यदि भराव का काम ठीक से न किया जाए, तो भी मिट्टी का कटाव लगातार होता रहता है। इसके बाद जब ऊपर से भारी वाहनों का दबाव पड़ता है, तो कंक्रीट की ऊपरी परत टूटकर नीचे धंस जाती है।
शहर में लगातार सामने आ रही हैं धंसने की घटनाएं
शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ समय से लगातार सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले मेघदूत गार्डन, गोराकुंड, गाड़ी अड्डा, नासिया रोड और पंढरीनाथ में भी सड़क धंसने के बड़े मामले देखे जा चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच परदेशीपुरा की इस ताजा घटना ने पूरे शहर में बिछी भूमिगत ड्रेनेज लाइनों, चैंबरों की स्थिति, भराव प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की समग्र गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच का मुद्दा एक बार फिर गर्म कर दिया है।
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पुराना ड्रेनेज चैंबर और खराब भराव की आशंका
नगर निगम के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पुराना ड्रेनेज चैंबर ढहने की वजह से ही सड़क धंसने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पाई गई ड्रेनेज लाइन काफी पुरानी बताई जा रही है, हालांकि चैंबर का ऊपरी ढक्कन नया प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क के नीचे यह खोखलापन भूमिगत लीकेज की वजह से बना है या फिर चैंबर के आसपास की गई खराब भराव सामग्री के कारण, यह पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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एक ही स्थान पर एक साल में दूसरी बार हादसा
स्थानीय निवासियों और जानकारी के अनुसार, ठीक इसी स्थान पर करीब एक साल पहले भी सड़क धंस चुकी थी। उस समय निगम प्रशासन द्वारा चैंबर की मरम्मत कराकर मिट्टी का भराव करा दिया गया था। अब दोबारा उसी जगह सड़क धंसने से ड्रेनेज लाइन के रखरखाव, भराव की प्रक्रिया और पूर्व में किए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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लीकेज और मिट्टी बहने से बनता है खोखलापन
पूर्व कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता ने इस तकनीकी समस्या की वजह बताते हुए कहा कि पुरानी भूमिगत ड्रेनेज लाइनों में जब लीकेज होता है, तो बहते पानी के साथ आसपास की मिट्टी भी धीरे-धीरे बह जाती है। इस प्रक्रिया से सड़क के नीचे का ढांचा खाली हो जाता है और खोखलापन बन जाता है। इसके अलावा, नए निर्माण के समय यदि भराव का काम ठीक से न किया जाए, तो भी मिट्टी का कटाव लगातार होता रहता है। इसके बाद जब ऊपर से भारी वाहनों का दबाव पड़ता है, तो कंक्रीट की ऊपरी परत टूटकर नीचे धंस जाती है।
शहर में लगातार सामने आ रही हैं धंसने की घटनाएं
शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ समय से लगातार सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले मेघदूत गार्डन, गोराकुंड, गाड़ी अड्डा, नासिया रोड और पंढरीनाथ में भी सड़क धंसने के बड़े मामले देखे जा चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच परदेशीपुरा की इस ताजा घटना ने पूरे शहर में बिछी भूमिगत ड्रेनेज लाइनों, चैंबरों की स्थिति, भराव प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की समग्र गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच का मुद्दा एक बार फिर गर्म कर दिया है।
