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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Now ED's entry in Municipal Corporation scam, raids at 12 places including master mind Rathore.

Indore: नगर निगम के घोटाले में अब ईडी की एंट्री,मास्टर माइंड राठौर सहित 12 स्थानों पर छापे मारे

Mon, 05 Aug 2024 07:15 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 05 Aug 2024 07:15 PM IST
सार

अभय के अलावा लेखा विभाग के संयुक्त संचालक अनिल कुमार गर्ग के महालक्ष्मी नगर निवास पर भी पुलिस पहुंची। परिवार केे लोग पहले तो जानकारी देने से बचते रहे, लेकिन जब अफसरों ने सख्ती से पूछा तो जानकारी दी।

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Indore: Now ED's entry in Municipal Corporation scam, raids at 12 places including master mind Rathore.
छापे के दौरान बाहर जवान भी तैनात रहे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर नगर केे चर्चित 100 करोड़ के ड्रेनेज घोटाले में ईडी की एंट्री भी हो गई हैै। सोमवार क प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अलग-अलग टीमों ने घोटाले से जुड़े आरोपियों के यहां छापे मारे और दस्तावेज खंगाले और जब्त किए।

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घोटाले के मास्टर माइंड अभय राठौर फिलहाल जेल मेें बंद है। उसके घर पर अफसर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। ईडी को उसके दस से ज्यादा बैंक खातों के बारे में पता चला। राठौर ने कहां-कहां घोटाले का पैसा इन्वेस्ट किया है। इसकी जानकारी भी जुटाई गई।

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अफसरों को पता चला कि राठौर अपने रिश्तेदारों के नाम पर प्राॅपर्टी खरीदता था और फिर फायदा होने पर उन्हें बेेच देता था। राठौर ने यूपी स्थित पैत्रक गांव में जमीनों मेें तगड़ा पैसा निवेेश किया है।

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अभय के अलावा लेखा विभाग के संयुक्त संचालक अनिल कुमार गर्ग के महालक्ष्मी नगर निवास पर भी पुलिस पहुंची। परिवार केे लोग पहले तो जानकारी देने से बचते रहे, लेकिन जब अफसरों ने सख्ती से पूछा तो जानकारी दी।

 

ईडी की टीम रेणु वडेरा, मोहम्मद जाकिर, राहुल वडेरा, राजकुमार सालवी, हरीश श्रीवास्तव, जाहिद खान, मोहम्मद सिद्दीकी के यहां भी गई और छानबीन की। टीम दो से तीन घंटे आरोपियों के घर रुकी और छानबीन की। अब ईडी अलग से इन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर सकती है।

हस्ताक्षरों की रिपोर्ट नहीं आई

घोटाले की जांच 26 करोड़ के कामों से पहले की गई थी। काम किए बगैर बिल तैयार होकर भुगतान के लिए पहुंच गए थे। इसके बाद घोटाले से जुड़ी फाइलें चोरी हो गई। पुलिस ने फाइलों पर हुए अफसरों के हस्ताक्षरों की जांच के नमूने लिए थे और जांच के लिए भोपाल भेजे गए, हालांकि अभी तक रिपोर्ट नहीं आई हैै।

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