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Indore News: इंदौर के एलिवेटेड काॅरिडोर पर फिलहाल रोक नहीं, अब सुनवाई 25 फरवरी को
Thu, 05 Feb 2026 09:10 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 05 Feb 2026 09:10 PM IST
सार
एलआईजी से नवलखा तक बनने वाले 6 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का मामला हाईकोर्ट में है। याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में इसे रद्द करने के निर्णय और कम ट्रैफिक लाभ का हवाला दिया है। हालांकि, कोर्ट ने निर्माण पर रोक नहीं लगाई है।
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एबी रोड पर अब काॅरिडोर भी बनेगा, फिलहाल एक ब्रिज भी बन रहा है सत्यसांई चौराहा पर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर में बन रहे छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने फिलहाल इसके निर्माण पर रोक नहीं लगाई है और इस याचिका को ट्रैफिक को लेकर लगी याचिका से लिंक करने को कहा गया है। अब अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
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गुरुवार को सुनवाई में याचिकाकर्ता अतुल शेठ की तरफ से कहा गया कि 9 सितंबर 2024 में शहर विकास की बैठक में इस कॉरिडोर को रद्द करने का फैसला खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिया था। उसकी वजह बताई गई थी कि सिर्फ चार प्रतिशत ट्रैफिक इस कॉरिडोर से छह किलोमीटर तक गुजर पाएगा। अब फिर इसका निर्माण किया जा रहा है। 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च होगी, लेकिन इससे ट्रैफिक आसान नहीं होगा, बल्कि सड़क के ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न होगी। कोर्ट ने कहा कि कॉरिडोर का मामला भी ट्रैफिक से जुड़ा है। इस कारण इसे ट्रैफिक व बीआरटीएस की याचिका से लिंक किया जाना चाहिए। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
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शुरू हो चुका है मिट्टी परीक्षण
कॉरिडोर के लिए लोक निर्माण विभाग ने मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया है। इसके लिए एलआईजी के समीप बैरिकेड लगाए जा चुके हैं। हाल ही में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की थी। उसमें सभी ने अपनी राय रखी थी।
यह कॉरिडोर एलआईजी से नवलखा तक छह किलोमीटर लंबाई में बनेगा और तीन चौराहों पर इसकी भुजाएं भी उतरेंगी। दस साल पहले इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया था, लेकिन इसका निर्माण नहीं हो पाया। एक साल पहले इंदौर के बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने का फैसला हुआ था, लेकिन अभी तक रेलिंग पूरी तरह नहीं हट पाई है। सड़क के जिस हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर नहीं बनेगा, वहां नगर निगम सेंट्रल डिवाइडर बनाएगा।
