Indore News: हजारों लोगों की हाथों की ज़ंजीर ने दी जल संरक्षण की गूंज, देखें अद्भुत नज़ारा
Indore News: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इंदौर में एक विशाल मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया।
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जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आज इंदौर शहर में एक भव्य मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया। रणजीत हनुमान मंदिर से लेकर महाराणा प्रताप प्रतिमा तक सैकड़ों की संख्या में नागरिकों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जल संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर 'जल गंगा रथ' को भी रवाना किया गया, जो शहर के विभिन्न घरों में जाकर लोगों को जल बचाने का महत्व समझाएगा।
जल संरक्षण में भी नंबर वन बनेगा इंदौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर कहा कि जैसे इंदौर ने स्वच्छता में देश में नंबर वन स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह अब जल संरक्षण और जल संवर्धन में भी पहला स्थान प्राप्त करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की, "हर घर बारिश के पानी को रोकें, 'केच द रेन' को अपनाएं, भूमिगत जल स्तर को बढ़ाएं और जल बचाएं, तभी हम आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित कर सकेंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उल्टी छतरी जल संवर्धन का प्रतीक है, जिससे पानी सहेजने का संदेश मिलता है, जबकि सामान्य छतरी केवल पानी से बचाव दर्शाती है।
नगर निगम और जनभागीदारी से जल संरक्षण को मिल रहा बल
इस आयोजन में नगर निगम के एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा, पार्षद कंचन गिदवानी, हरप्रीत लूथरा, रूपाली पेंढारकर, पराग कौशल, कमल वाघेला, योगेश गेंदर सहित निगम के कई अधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। महापौर ने बताया कि इंदौर में पिछले तीन वर्षों से जल संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनता के सहयोग से अब तक सवा लाख से अधिक रेन वॉटर हार्वेस्टर लगाए जा चुके हैं। साथ ही 156 कुओं, 28 बावड़ियों और 16 तालाबों का गहरीकरण किया गया है।
जल के लिए एकजुट हो समाज
महापौर ने बताया कि जल संरक्षण कार्यों को सफलता तभी मिलेगी जब इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे "जल के लिए एक साथ खड़े हों, जल संरक्षण का संकल्प लें और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चैनलों की नियमित सफाई, जल स्रोतों का पुनरुद्धार और वर्षा जल को संरक्षित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल बचाने के इस महाअभियान में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
