{"_id":"69205cc8e7043523490c3ecb","slug":"indore-news-singer-jubin-nautiyal-attends-mahakal-bhasma-aarti-india-tour-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: महाकाल की शरण में जुबिन नौटियाल, भस्मारती के बाद इंदौर के लिए किया यह बड़ा ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: महाकाल की शरण में जुबिन नौटियाल, भस्मारती के बाद इंदौर के लिए किया यह बड़ा ऐलान
Fri, 21 Nov 2025 06:06 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 21 Nov 2025 06:06 PM IST
सार
Indore News: बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल इंदौर पहुंचे और उज्जैन जाकर महाकाल की भस्मारती में शामिल हुए। उन्होंने अपने 'मल्टी सिटी इंडिया टूर' के लिए बाबा का आशीर्वाद लिया, जिसकी शुरुआत 14 दिसंबर को इंदौर से होगी।
विज्ञापन
जुबिन नौटियाल ने इंदौर में खोले अपनी कामयाबी के राज
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर फैंस ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वे उज्जैन रवाना हुए और शुक्रवार को सुबह बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होकर आशीर्वाद लिया। जुबिन ने इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए अपने संगीत के सफर, आगामी टूर और महाकाल से अपने गहरे जुड़ाव पर खुलकर बात की।
संगीत और हर पीढ़ी से जुड़ाव
जुबिन ने संगीत को सात सुरों का खेल बताते हुए कहा, "भाषा और अंदाज अलग हो सकते हैं, लेकिन सुर वही कहते हैं। मैंने शास्त्रीय और वेस्टर्न दोनों सीखा है, जिससे फ्यूजन बनता है। यह मेरी तालीम का ही नतीजा है कि आज देश के कोने-कोने में हर उम्र के लोग मुझे सुनते हैं। कोई मेरे भजन पसंद करता है, तो कोई पहाड़ी गीत और कोई वेस्टर्न। एक कलाकार के रूप में हर पीढ़ी से जुड़ पाना मेरे लिए गर्व की बात है।"
यह भी पढ़ें...
Indore: महू से कालाकुंड तक चलने वाली ट्रेन पर लगा ब्रेक, दिसंबर में आते है घूमने टूरिस्ट
विज्ञापन
इंदौर से शुरू होगा 'मल्टी सिटी टूर'
जुबिन ने बताया कि इंदौर उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने बाबा महाकाल से अपने आगामी 'मल्टी सिटी इंडिया टूर' के लिए आशीर्वाद लिया है। इस टूर की शुरुआत वे 14 दिसंबर को इंदौर से ही करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फैंस का प्यार ही उनकी असली कमाई है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सब उन्हें सुनते हैं और उनके लिए कविताएं लिखते हैं, जो उनके लिए सबसे बड़ी जीत है।
भागदौड़ से दूर गांव की चाहत
अपनी निजी इच्छा साझा करते हुए जुबिन ने कहा, "अगर मुझे एक महीने की छुट्टी मिले, तो मैं मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने गांव 'क्यारी' जाना चाहूंगा। वहां का पानी मीठा है, लोग सादा जीवन जीते हैं और उनकी मुस्कुराहट असली होती है। हालांकि, आज के दौर में मुंबई मुझे कहीं भी ढूंढ निकालेगा।"
महाकाल से है आत्मिक रिश्ता
जुबिन नौटियाल का बाबा महाकाल से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता है। उनके लिए यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और शक्ति का स्रोत है। भस्मारती के बाद जुबिन सीधे भोपाल के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
संगीत और हर पीढ़ी से जुड़ाव
जुबिन ने संगीत को सात सुरों का खेल बताते हुए कहा, "भाषा और अंदाज अलग हो सकते हैं, लेकिन सुर वही कहते हैं। मैंने शास्त्रीय और वेस्टर्न दोनों सीखा है, जिससे फ्यूजन बनता है। यह मेरी तालीम का ही नतीजा है कि आज देश के कोने-कोने में हर उम्र के लोग मुझे सुनते हैं। कोई मेरे भजन पसंद करता है, तो कोई पहाड़ी गीत और कोई वेस्टर्न। एक कलाकार के रूप में हर पीढ़ी से जुड़ पाना मेरे लिए गर्व की बात है।"
विज्ञापन
यह भी पढ़ें...
Indore: महू से कालाकुंड तक चलने वाली ट्रेन पर लगा ब्रेक, दिसंबर में आते है घूमने टूरिस्ट
विज्ञापन
इंदौर से शुरू होगा 'मल्टी सिटी टूर'
जुबिन ने बताया कि इंदौर उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने बाबा महाकाल से अपने आगामी 'मल्टी सिटी इंडिया टूर' के लिए आशीर्वाद लिया है। इस टूर की शुरुआत वे 14 दिसंबर को इंदौर से ही करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फैंस का प्यार ही उनकी असली कमाई है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सब उन्हें सुनते हैं और उनके लिए कविताएं लिखते हैं, जो उनके लिए सबसे बड़ी जीत है।
भागदौड़ से दूर गांव की चाहत
अपनी निजी इच्छा साझा करते हुए जुबिन ने कहा, "अगर मुझे एक महीने की छुट्टी मिले, तो मैं मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने गांव 'क्यारी' जाना चाहूंगा। वहां का पानी मीठा है, लोग सादा जीवन जीते हैं और उनकी मुस्कुराहट असली होती है। हालांकि, आज के दौर में मुंबई मुझे कहीं भी ढूंढ निकालेगा।"
महाकाल से है आत्मिक रिश्ता
जुबिन नौटियाल का बाबा महाकाल से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता है। उनके लिए यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और शक्ति का स्रोत है। भस्मारती के बाद जुबिन सीधे भोपाल के लिए रवाना हो गए।
