{"_id":"676c11e204b888f7b803ad0c","slug":"indore-news-rajasthan-bus-car-accident-deshmukh-family-2024-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: कौन देगा कंधा, पूरा परिवार ही काल के गाल में समा गया, पड़ोसी पहुंचे शव लेने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: कौन देगा कंधा, पूरा परिवार ही काल के गाल में समा गया, पड़ोसी पहुंचे शव लेने
Wed, 25 Dec 2024 07:38 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 25 Dec 2024 07:38 PM IST
सार
Indore News: करौली में कार बस हादसे में इंदौर के देशमुख परिवार के चारों सदस्यों की जान चली गई। इंदौर से पड़ोसी शव लेने पहुंचे। आज रात तक आएंगे रिश्तेदार।
विज्ञापन
पत्नी और बेटी के साथ देशमुख, बेटा कुश और बहन प्रीति।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के करौली गंगापुर में कल हुए सड़क हादसे में इंदौर के पांच लोगों की जान चली गई। हादसे में इंदौर के देशमुख परिवार के सभी चार सदस्य चले गए। देशमुख परिवार के सदस्यों के शव यहां लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आज रात तक सभी के शव यहां पहुंचेंगे। वडोदरा से भानजा नयन देशमुख और इंदौर से रहवासी संघ के कुछ सदस्य करौली के लिए रवाना हुए हैं। इधर देशमुख परिवार के चार सदस्यों की एक साथ हुई मौत के बाद इस बात की चर्चा है कि इन चारों अर्थियों को कंधा कौन देगा।
घर के बाहर पसरा सन्नाटा
इंदौर में अनूप टॉकिज के पीछे स्थित शिवशक्ति नगर में देशमुख परिवार के बाहर सुबह से सन्नाटा छाया हुआ था। पड़ोस में रहने वाले लोग इस हादसे को लेकर दु:खी हैं। करौली में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 64 वर्षीय नयन देशमुख, तीन साल पहले ही सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। वे पत्नी अनीता, बहन प्रीति भट्ट, जो वडोदरा की रहने वाली हैं और एक सप्ताह पहले ही भाई से मिलने यहां आई थी और उनके अलावा बेटी मनस्वी व इंजीनियरिंग कर रहे बेटे कुश देशमुख को साथ लेकर घर से निकले थे। कुश नयन देशमुख का एकमात्र बेटा था। अब घर पर ताला लगा है। रिश्तेदार पहुंच रहे हैं और उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अभी कुछ तय नहीं
नयन देशमुख का भानजा वडोदरा (गुजरात) में रहता है। उसने फोन पर बताया कि उसकी मां भी दर्दनाक हादसे का शिकार हुई हैं। उनकी भी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि मैं भी घटना की खबर सुनकर करौली के लिए रवाना हुआ हूं। सभी लाशों को कहां ले जाया जाएगा इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन देशमुख परिवार के सभी लोगों को इंदौर लाने की चर्चा है। इंदौर से भी आज सुबह शिवशक्ति नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष रोहित मावले, उनके साथी सुशील गौड़ भी रवाना हुए हैं।
विज्ञापन
धार्मिक प्रवृत्ति का था देशमुख परिवार
शिवशक्ति नगर के रहवासियों का कहना है कि देशमुख परिवार बड़ा ही मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का था। परिवार के लोग अकसर धार्मिक यात्राओं पर जाया करते थे। तीन दिन पूर्व जब यह परिवार करौली के लिए रवाना हुआ था, तब परिवार के मुखिया नयन देशमुख ने आसपास के लोगों से कहा था कि बेटी की छुट्टी कम मिल रही है, इसलिए जल्दी लौट आएंगे। किसको पता था कि देशमुख परिवार वापस सकुशल नहीं लौट पाएगा। जिसने भी हादसे की खबर सुनी स्तब्ध रह गया। देशमुख परिवार ने कालोनी के अंदर एक मंदिर भी बनवाया था। इसके अलावा वे समय-समय पर घर में धार्मिक आयोजन भी करवाते थे।
विज्ञापन
घर के बाहर पसरा सन्नाटा
इंदौर में अनूप टॉकिज के पीछे स्थित शिवशक्ति नगर में देशमुख परिवार के बाहर सुबह से सन्नाटा छाया हुआ था। पड़ोस में रहने वाले लोग इस हादसे को लेकर दु:खी हैं। करौली में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 64 वर्षीय नयन देशमुख, तीन साल पहले ही सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। वे पत्नी अनीता, बहन प्रीति भट्ट, जो वडोदरा की रहने वाली हैं और एक सप्ताह पहले ही भाई से मिलने यहां आई थी और उनके अलावा बेटी मनस्वी व इंजीनियरिंग कर रहे बेटे कुश देशमुख को साथ लेकर घर से निकले थे। कुश नयन देशमुख का एकमात्र बेटा था। अब घर पर ताला लगा है। रिश्तेदार पहुंच रहे हैं और उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
अभी कुछ तय नहीं
नयन देशमुख का भानजा वडोदरा (गुजरात) में रहता है। उसने फोन पर बताया कि उसकी मां भी दर्दनाक हादसे का शिकार हुई हैं। उनकी भी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि मैं भी घटना की खबर सुनकर करौली के लिए रवाना हुआ हूं। सभी लाशों को कहां ले जाया जाएगा इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन देशमुख परिवार के सभी लोगों को इंदौर लाने की चर्चा है। इंदौर से भी आज सुबह शिवशक्ति नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष रोहित मावले, उनके साथी सुशील गौड़ भी रवाना हुए हैं।
विज्ञापन
धार्मिक प्रवृत्ति का था देशमुख परिवार
शिवशक्ति नगर के रहवासियों का कहना है कि देशमुख परिवार बड़ा ही मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का था। परिवार के लोग अकसर धार्मिक यात्राओं पर जाया करते थे। तीन दिन पूर्व जब यह परिवार करौली के लिए रवाना हुआ था, तब परिवार के मुखिया नयन देशमुख ने आसपास के लोगों से कहा था कि बेटी की छुट्टी कम मिल रही है, इसलिए जल्दी लौट आएंगे। किसको पता था कि देशमुख परिवार वापस सकुशल नहीं लौट पाएगा। जिसने भी हादसे की खबर सुनी स्तब्ध रह गया। देशमुख परिवार ने कालोनी के अंदर एक मंदिर भी बनवाया था। इसके अलावा वे समय-समय पर घर में धार्मिक आयोजन भी करवाते थे।
