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Indore News: मेट्रो के लिए पेड़ काटने पहुंचे मजदूर, रहवासियों ने रोका, निगम बोला हमने अनुमति दी
Tue, 24 Feb 2026 07:24 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 24 Feb 2026 07:24 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के मल्हारगंज क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहरा गया है। छोटा गणपति मंदिर के पास देर रात पेड़ काटने पहुंचे मजदूरों को स्थानीय रहवासियों ने कड़े विरोध के बाद खदेड़ दिया।
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सोमवार को मजदूरों ने कई पेड़ काटे।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के रानी सराय परिसर में पेड़ों की कटाई का मामला फिलहाल उच्च न्यायालय की शरण में है, जिससे वहां कुल्हाड़ी चलने पर फिलहाल रोक लग गई है। लेकिन इसी बीच छोटा गणपति मंदिर के पास स्थित बगीचे में पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू कर दिया गया। सोमवार देर रात जब मजदूर यहां पेड़ काटने पहुंचे, तो स्थानीय रहवासियों ने एकजुट होकर उन्हें मौके से खदेड़ दिया और काम रुकवा दिया। यहां पर मेट्रो स्टेशन के लिए 100 से अधिक पेड़ काटे जाना हैं।
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मेट्रो स्टेशन निर्माण से हो रहा पर्यावरण का टकराव
मल्हारगंज थाने के ठीक सामने छोटा गणपति मंदिर के समीप मेट्रो स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। स्थानीय रहवासी इस परियोजना के वर्तमान स्वरूप का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इसकी जद में 44 मकानों के साथ-साथ दो हरे-भरे बगीचे और लगभग 100 पेड़ आ रहे हैं। पर्यावरणविदों ने भी इस हरियाली को बचाने के लिए पुरजोर तरीके से आवाज उठाई है, हालांकि शासन और प्रशासन पर अब तक इसका कोई विशेष असर दिखाई नहीं दिया है। इसी क्रम में सोमवार रात को चुपचाप तरीके से मजदूरों को पेड़ काटने के लिए भेजा गया था।
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रहवासियों का कड़ा रुख देखकर लौटे मजदूर
जब मजदूरों ने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाना शुरू किया और कई पेड़ धराशायी हो गए, तब स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी। रहवासियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया और अनुमति के दस्तावेज मांगे। मजदूरों ने बताया कि उन्हें मेट्रो के अधिकारियों ने भेजा है, लेकिन वे मौके पर कोई लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके। स्थिति को बिगड़ता देख रहवासियों ने मजदूरों को वहां से भगा दिया और चेतावनी दी कि दोबारा यहां पेड़ काटने की कोशिश न की जाए। रहवासियों का तर्क है कि इन बगीचों में पक्षियों के आशियाने हैं और वे इस प्राकृतिक विरासत को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं देंगे।
नगर निगम और उद्यान विभाग अधिकारी पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने पर सहायक उद्यान अधिकारी राहुल वर्मा भी स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो स्टेशन निर्माण हेतु नगर निगम ने जिन स्थानों पर पेड़ काटने की अनुमति प्रदान की है, उनमें छोटा गणपति मंदिर के पास की यह भूमि भी शामिल है। यहां कुल सौ पेड़ काटे जाने की योजना है। फिलहाल विभाग ने मजदूरों को कटी हुई लकड़ी सिटी फारेस्ट में जमा करने के निर्देश दिए हैं और क्षेत्र की निगरानी के लिए दरोगा की तैनाती कर दी गई है।
रानी सराय मामले में कोर्ट की सुनवाई टली
दूसरी ओर, रानी सराय परिसर में हरियाली बचाने के लिए लंबे समय से धरना प्रदर्शन जारी है। यह मामला अब हाई कोर्ट में लंबित है, जिसके कारण वहां पेड़ों की कटाई रुकी हुई है। कोर्ट ने सरकार से इस विषय पर जवाब मांगा था, जो अभी तक पेश नहीं किया गया है। एडवोकेट लवेश सारस्वत के अनुसार, मामले की सुनवाई की तारीख आगे बढ़ गई है और अगली सुनवाई पर सरकार द्वारा अपना पक्ष रखे जाने की उम्मीद है।
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जब मजदूरों ने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाना शुरू किया और कई पेड़ धराशायी हो गए, तब स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी। रहवासियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया और अनुमति के दस्तावेज मांगे। मजदूरों ने बताया कि उन्हें मेट्रो के अधिकारियों ने भेजा है, लेकिन वे मौके पर कोई लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके। स्थिति को बिगड़ता देख रहवासियों ने मजदूरों को वहां से भगा दिया और चेतावनी दी कि दोबारा यहां पेड़ काटने की कोशिश न की जाए। रहवासियों का तर्क है कि इन बगीचों में पक्षियों के आशियाने हैं और वे इस प्राकृतिक विरासत को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं देंगे।
नगर निगम और उद्यान विभाग अधिकारी पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने पर सहायक उद्यान अधिकारी राहुल वर्मा भी स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो स्टेशन निर्माण हेतु नगर निगम ने जिन स्थानों पर पेड़ काटने की अनुमति प्रदान की है, उनमें छोटा गणपति मंदिर के पास की यह भूमि भी शामिल है। यहां कुल सौ पेड़ काटे जाने की योजना है। फिलहाल विभाग ने मजदूरों को कटी हुई लकड़ी सिटी फारेस्ट में जमा करने के निर्देश दिए हैं और क्षेत्र की निगरानी के लिए दरोगा की तैनाती कर दी गई है।
रानी सराय मामले में कोर्ट की सुनवाई टली
दूसरी ओर, रानी सराय परिसर में हरियाली बचाने के लिए लंबे समय से धरना प्रदर्शन जारी है। यह मामला अब हाई कोर्ट में लंबित है, जिसके कारण वहां पेड़ों की कटाई रुकी हुई है। कोर्ट ने सरकार से इस विषय पर जवाब मांगा था, जो अभी तक पेश नहीं किया गया है। एडवोकेट लवेश सारस्वत के अनुसार, मामले की सुनवाई की तारीख आगे बढ़ गई है और अगली सुनवाई पर सरकार द्वारा अपना पक्ष रखे जाने की उम्मीद है।
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