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Indore News: निगम की वर्कशॉप से प्लान तैयार, अब बारिश में नहीं डूबेगा शहर
Tue, 08 Jul 2025 08:33 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 08 Jul 2025 08:33 PM IST
सार
Indore News: नगर निगम ने बारिश और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया। इसमें जोनों में जलभराव की संभावना वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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निगम कमिश्नर ने ली बैठक
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
मंगलवार को नगर निगम आयुक्त ने निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक विशेष वर्कशॉप आयोजित की। इस सत्र में आपदा प्रबंधन, विशेषकर जलभराव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने बताया कि इसी विषय पर सोमवार को भी एक वर्कशॉप की गई थी, ताकि तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।
जोनों में कर्मचारी तैनात, जिम्मेदारी तय
आयुक्त ने बताया कि शहर के उन जोनों की पहचान की गई है जहां पर हर साल जलभराव की स्थिति बनती है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। वर्कशॉप का उद्देश्य इन्हीं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना और उनके कार्य क्षेत्र में निगरानी की जिम्मेदारी तय करना था। इन कर्मचारी वर्गों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जलभराव की स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दें।
पूरी टीम उपकरणों के साथ रहेगी तैयार
निगमायुक्त ने जानकारी दी कि सभी कर्मचारी अपने कार्य स्थल पर पूरे उपकरणों के साथ उपस्थित रहेंगे। काम को प्रभावी बनाने के लिए निगम मुख्यालय पर चार विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। इन टीमों में इंजीनियर, जेसीबी ऑपरेटर और क्विक रिस्पॉन्स टीम के सदस्य शामिल हैं। इन सभी को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है और उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार ब्रीफिंग भी की गई है। इनके काम करने के पाइंट चिन्हित कर दिए गए हैं।
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रात की मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम की टीमें दिन में तो सतर्क रहती हैं, लेकिन अब रात में भी निगरानी बढ़ाने के लिए 'नाइट मॉनिटर' तैनात किए जाएंगे, जो कंट्रोल रूम से निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में कोई चूक न हो, इसलिए कोऑर्डिनेशन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई लापरवाही सामने आई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि आपात स्थिति में गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
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जोनों में कर्मचारी तैनात, जिम्मेदारी तय
आयुक्त ने बताया कि शहर के उन जोनों की पहचान की गई है जहां पर हर साल जलभराव की स्थिति बनती है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। वर्कशॉप का उद्देश्य इन्हीं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना और उनके कार्य क्षेत्र में निगरानी की जिम्मेदारी तय करना था। इन कर्मचारी वर्गों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जलभराव की स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दें।
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पूरी टीम उपकरणों के साथ रहेगी तैयार
निगमायुक्त ने जानकारी दी कि सभी कर्मचारी अपने कार्य स्थल पर पूरे उपकरणों के साथ उपस्थित रहेंगे। काम को प्रभावी बनाने के लिए निगम मुख्यालय पर चार विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। इन टीमों में इंजीनियर, जेसीबी ऑपरेटर और क्विक रिस्पॉन्स टीम के सदस्य शामिल हैं। इन सभी को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है और उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार ब्रीफिंग भी की गई है। इनके काम करने के पाइंट चिन्हित कर दिए गए हैं।
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रात की मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम की टीमें दिन में तो सतर्क रहती हैं, लेकिन अब रात में भी निगरानी बढ़ाने के लिए 'नाइट मॉनिटर' तैनात किए जाएंगे, जो कंट्रोल रूम से निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में कोई चूक न हो, इसलिए कोऑर्डिनेशन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई लापरवाही सामने आई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि आपात स्थिति में गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
