{"_id":"69ec65a7b921d5e7b0006438","slug":"indore-news-municipal-corporation-water-tank-security-cctv-installation-2026-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: भागीरथपुरा घटना के बाद सतर्क हुआ नगर निगम, 105 पानी की टंकियों पर लगेंगे CCTV कैमरे; नियमित होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: भागीरथपुरा घटना के बाद सतर्क हुआ नगर निगम, 105 पानी की टंकियों पर लगेंगे CCTV कैमरे; नियमित होगी जांच
Sun, 26 Apr 2026 06:23 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sun, 26 Apr 2026 06:23 AM IST
सार
Indore News: भागीरथपुरा कांड के बाद इंदौर नगर निगम शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था में बड़े बदलाव करने जा रहा है। सभी 105 पानी की टंकियों पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, 500 टैंकरों की व्यवस्था के साथ नियमित लैब टेस्टिंग होगी।
विज्ञापन
इंदौर में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए निगम बड़े बदलाव कर रहा।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
भागीरथपुरा में हुई हालिया घटना के बाद शहर की जल वितरण प्रणाली को लेकर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रशासन अब पानी की टंकियों की सुरक्षा और आपूर्ति की शुद्धता को लेकर किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में नगर निगम ने शहर की सभी 105 पानी की टंकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत न केवल टंकियों की निगरानी की जाएगी, बल्कि सरकारी बोरिंग और कुओं से मिलने वाले पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाएगी।
टंकियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए लगेंगे कैमरे
नगर निगम के जलकार्य व सीवरेज प्रभारी एवं एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने बताया कि नगर निगम की नई योजना के अनुसार शहर की सभी जलापूर्ति टंकियों को अब सख्त निगरानी के दायरे में लाया जा रहा है। टंकियों के ऊपरी हिस्सों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को दुरुस्त किया जाएगा और उन्हें स्थायी रूप से बंद रखने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। वहां कैमरों की स्थापना की जाएगी ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके। निगम का मानना है कि इन सुरक्षा उपायों से जल स्रोतों की सुरक्षा पुख्ता होगी और भविष्य में किसी भी तरह की संभावित छेड़छाड़ की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारेंगे और नियमित जांच होगी
जलकार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारी और एमआईसी सदस्य लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं ताकि गर्मी के मौसम में जलापूर्ति में कोई संकट न आए। सरकारी बोरिंग और कुओं से भरे जाने वाले पानी की सैंपलिंग अब अनिवार्य होगी। जिन प्रमुख स्रोतों से शहर में पानी भेजा जा रहा है, वहां की लैब टेस्टिंग नियमित रूप से की जाएगी ताकि आम जनता तक पहुंचने वाले जल की शुद्धता बनी रहे।
विज्ञापन
वार्ड स्तर पर जल प्रबंधन की रणनीति बनेगी
अभिषेक शर्मा ने प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक हाईडेंट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इससे टैंकरों को भरने में आसानी होगी और समय की बचत होगी। साथ ही शहर के सभी बोरिंग की समय पर सर्विसिंग करने का निर्णय लिया गया है ताकि गर्मी के दौरान तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित न हो। जलूद पंपिंग स्टेशन पर लगे ट्रांसफार्मर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के रखरखाव पर भी जोर दिया जा रहा है। शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से निपटने के लिए जरूरी कलपुर्जों का अग्रिम स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी
वर्तमान में शहर में लगभग 300 टैंकर संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 80 टैंकर सीधे नगर निगम के हैं। प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक करने की योजना बनाई है। इसके लिए निजी टैंकर संचालकों की एक सूची भी तैयार की जा रही है ताकि आपात स्थिति में उन्हें निगम के साथ जोड़ा जा सके। खास बात यह है कि इन निजी टैंकरों के पानी की गुणवत्ता की भी कड़ी जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त बगीचों और सीवरेज कार्यों के लिए अब पेयजल के स्थान पर केवल ट्रीटेड वॉटर का उपयोग करने का फैसला लिया गया है ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।
योजना का क्रियान्वयन जल्द होगा
अभिषेक शर्मा के अनुसार टंकियों की निगरानी के लिए पूरा मसौदा तैयार कर लिया गया है। टंकियों के प्रवेश द्वारों को बंद करने के साथ-साथ टेस्टिंग लैब की सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ जल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
टंकियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए लगेंगे कैमरे
नगर निगम के जलकार्य व सीवरेज प्रभारी एवं एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने बताया कि नगर निगम की नई योजना के अनुसार शहर की सभी जलापूर्ति टंकियों को अब सख्त निगरानी के दायरे में लाया जा रहा है। टंकियों के ऊपरी हिस्सों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को दुरुस्त किया जाएगा और उन्हें स्थायी रूप से बंद रखने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। वहां कैमरों की स्थापना की जाएगी ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके। निगम का मानना है कि इन सुरक्षा उपायों से जल स्रोतों की सुरक्षा पुख्ता होगी और भविष्य में किसी भी तरह की संभावित छेड़छाड़ की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारेंगे और नियमित जांच होगी
जलकार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारी और एमआईसी सदस्य लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं ताकि गर्मी के मौसम में जलापूर्ति में कोई संकट न आए। सरकारी बोरिंग और कुओं से भरे जाने वाले पानी की सैंपलिंग अब अनिवार्य होगी। जिन प्रमुख स्रोतों से शहर में पानी भेजा जा रहा है, वहां की लैब टेस्टिंग नियमित रूप से की जाएगी ताकि आम जनता तक पहुंचने वाले जल की शुद्धता बनी रहे।
विज्ञापन
वार्ड स्तर पर जल प्रबंधन की रणनीति बनेगी
अभिषेक शर्मा ने प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक हाईडेंट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इससे टैंकरों को भरने में आसानी होगी और समय की बचत होगी। साथ ही शहर के सभी बोरिंग की समय पर सर्विसिंग करने का निर्णय लिया गया है ताकि गर्मी के दौरान तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित न हो। जलूद पंपिंग स्टेशन पर लगे ट्रांसफार्मर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के रखरखाव पर भी जोर दिया जा रहा है। शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से निपटने के लिए जरूरी कलपुर्जों का अग्रिम स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी
वर्तमान में शहर में लगभग 300 टैंकर संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 80 टैंकर सीधे नगर निगम के हैं। प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक करने की योजना बनाई है। इसके लिए निजी टैंकर संचालकों की एक सूची भी तैयार की जा रही है ताकि आपात स्थिति में उन्हें निगम के साथ जोड़ा जा सके। खास बात यह है कि इन निजी टैंकरों के पानी की गुणवत्ता की भी कड़ी जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त बगीचों और सीवरेज कार्यों के लिए अब पेयजल के स्थान पर केवल ट्रीटेड वॉटर का उपयोग करने का फैसला लिया गया है ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।
योजना का क्रियान्वयन जल्द होगा
अभिषेक शर्मा के अनुसार टंकियों की निगरानी के लिए पूरा मसौदा तैयार कर लिया गया है। टंकियों के प्रवेश द्वारों को बंद करने के साथ-साथ टेस्टिंग लैब की सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ जल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
