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Indore News: छात्र आंदोलन करने वालों पर एफआईआर, कोचिंग संचालक और सीएम से मिलने वालों के नाम भी शामिल
Tue, 24 Dec 2024 01:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 24 Dec 2024 01:25 PM IST
सार
MPPSC- सीएम से मुलाकात के बाद आई इस खबर ने सभी को चौंका दिया है। छात्रों ने कहा है कि 15 दिन का समय है उसके बाद फिर से आंदोलन करेंगे।
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राधे जाट ने कहा आंदोलन खत्म नहीं हुआ।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) के छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर चार दिनों तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और कोचिंग संचालकों पर एफआईआर दर्ज की है। सीएम से मिलकर लौटे छात्र भी इस खबर के बाद चौंक गए हैं। अमर उजाला से बातचीत में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राधे जाट ने कहा कि एफआईआर के विषय में हम अधिकारियों से बात कर रहे हैं। छात्रों की मांगे पूरी करने के लिए भी 15 दिन का समय दिया गया है। यदि मांगे पूरी नहीं होंगी तो हम फिर से आंदोलन करेंगे।
एफआईआर में कोचिंग संचालकों को भी शामिल किया
यह प्रदर्शन 18 दिसंबर से दीन दयाल गार्डन, भोलाराम उस्ताद मार्ग पर शुरू हुआ था, जो 89 घंटे तक चला और इसमें प्रदेशभर से 2,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने भंवरकुआ और संयोगितागंज थानों में बिना अनुमति भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
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इंदौर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया भंवरकुआ थाने में राधे जाट, रंजीत किशन वंशी, प्रशांत राजावत, गोपाल प्रजापति, अरविंद भदौरिया, कुलदीप सरकार और अन्य छात्रों को आरोपी बनाया गया है। वहीं, संयोगितागंज पुलिस ने नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के राधेश्याम जाट सहित प्रदर्शन में शामिल कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति के लोक सेवा आयोग कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन और भीड़ इकट्ठा करने के आरोप में ये कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारियों के साथ नयापार कोचिंग, हिंद एकेडमी, आरएएस कोचिंग, सत्यमेव कोचिंग, कैंपस स्क्वेयर कोचिंग और विभिन्न लाइब्रेरी संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है।
गौरतलब है कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में शामिल राधे जाट और कुलदीप सरकार पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कोचिंग संचालकों और प्रदर्शनकारियों को चिह्नित करते हुए प्रतिबंधात्मक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। अब देखने की बात यह है कि प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस मामले में आगे क्या निष्कर्ष निकलते हैं।
15 दिन के बाद फिर से करेंगे आंदोलन
राधे जाट ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सीएम ने छात्रों की मांगें पूरी करने का कहा है। 15 दिन का समय है, यदि मांगें पूरी होती हैं तो ठीक है वरना हम फिर से आंदोलन करेंगे।
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एफआईआर में कोचिंग संचालकों को भी शामिल किया
यह प्रदर्शन 18 दिसंबर से दीन दयाल गार्डन, भोलाराम उस्ताद मार्ग पर शुरू हुआ था, जो 89 घंटे तक चला और इसमें प्रदेशभर से 2,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने भंवरकुआ और संयोगितागंज थानों में बिना अनुमति भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
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इंदौर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया भंवरकुआ थाने में राधे जाट, रंजीत किशन वंशी, प्रशांत राजावत, गोपाल प्रजापति, अरविंद भदौरिया, कुलदीप सरकार और अन्य छात्रों को आरोपी बनाया गया है। वहीं, संयोगितागंज पुलिस ने नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के राधेश्याम जाट सहित प्रदर्शन में शामिल कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति के लोक सेवा आयोग कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन और भीड़ इकट्ठा करने के आरोप में ये कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारियों के साथ नयापार कोचिंग, हिंद एकेडमी, आरएएस कोचिंग, सत्यमेव कोचिंग, कैंपस स्क्वेयर कोचिंग और विभिन्न लाइब्रेरी संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है।
गौरतलब है कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में शामिल राधे जाट और कुलदीप सरकार पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कोचिंग संचालकों और प्रदर्शनकारियों को चिह्नित करते हुए प्रतिबंधात्मक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। अब देखने की बात यह है कि प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस मामले में आगे क्या निष्कर्ष निकलते हैं।
15 दिन के बाद फिर से करेंगे आंदोलन
राधे जाट ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सीएम ने छात्रों की मांगें पूरी करने का कहा है। 15 दिन का समय है, यदि मांगें पूरी होती हैं तो ठीक है वरना हम फिर से आंदोलन करेंगे।
