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Indore News: मेट्रो के लिए रीगल की हरियाली उजाड़ने का विरोध, सैकड़ों पक्षियों का बसेरा और ऐतिहासिक धरोहर है यह

Sat, 27 Dec 2025 04:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 27 Dec 2025 04:03 PM IST
सार

Indore News: मेट्रो परियोजना के नाम पर हो रही पेड़ कटाई के खिलाफ जनहित पार्टी और पर्यावरण प्रेमियों ने रानी सराय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि हरियाली और पक्षियों के बसेरों को बचाने की ठोस नीति बनाई जाए।

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indore news janhit party protests against tree cutting for metro project
indore news - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत पेड़ों की कटाई के विरोध में शनिवार को जनहित पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया और हरियाली बचाने की मांग उठाई। शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने जनहित पार्टी के द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में रानी सराय परिसर में जमकर नारेबाजी की। इतिहास की की अमूल्य धरोहर रानी सराय भी इस मेट्रो स्टेशन के बाद खतरे में आ जाएगा। 
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हरियाली के समर्थन में उतरे पर्यावरण प्रेमी
प्रदर्शन के दौरान पर्यावरण प्रेमी और शहर हितैषी कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर सरकार से इस फैसले पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते नजर आए। उनका कहना था कि मुद्दा केवल नए पौधे लगाने का नहीं है, बल्कि उन पेड़ों को बचाने का है जो दशकों से शहर को ऑक्सीजन दे रहे हैं और पक्षियों का आश्रय बने हुए हैं।
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कागजों में हरियाली, जमीनी हकीकत अलग
जनहित पार्टी के अध्यक्ष अभय जैन ने कहा कि सरकार “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना और पर्यावरण संरक्षण बताया जाता है लेकिन वहीं दूसरी ओर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। इंदौर में मेट्रो परियोजना के नाम पर हो रही पेड़ कटाई बेहद चिंताजनक है।

रानी सराय की हरियाली पर संकट
गांधी प्रतिमा, रानी सराय और पुलिस मुख्यालय परिसर में मौजूद वर्षों पुराने पेड़ केवल हरियाली नहीं, बल्कि हजारों तोतों और अन्य पक्षियों का बसेरा हैं। सुबह होते ही यह इलाका पक्षियों की चहचहाहट से गूंज उठता है, लेकिन मेट्रो स्टेशन, अंडरग्राउंड निर्माण, एग्जिट-एंट्री और पार्किंग के लिए इस पूरे क्षेत्र को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है।

मेट्रो प्रोजेक्ट और विकास बनाम विनाश
मेट्रो के पहले चरण के बाद अब 16 किलोमीटर के नए ट्रैक पर काम तेज हो गया है, जिसमें रानी सराय क्षेत्र भी शामिल है। मेट्रो कंपनी द्वारा इस हरित क्षेत्र पर दावा किए जाने से पर्यावरण प्रेमियों में रोष है। मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र की बात करने वाले शहर में हरियाली विकास की पहली बलि बनती नजर आ रही है।

पक्षी विशेषज्ञों की चेतावनी
संस्था नेचर वालंटियर्स के पक्षी विशेषज्ञ भालू मोंढे ने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन की रीढ़ हैं। अगर उनके बसेरे उजड़े तो केवल कागजी आश्वासनों से उनका पुनर्वास संभव नहीं है। इसके लिए बड़े पैमाने पर फलदार पेड़ लगाने होंगे।


मेहनत पर फिरा पानी
रानी सराय क्षेत्र में करुणा सागर संस्था द्वारा पक्षियों के लिए मिट्टी के घोंसले लगाए गए थे। वर्षों की मेहनत से विकसित यह पक्षी कॉलोनी अब मेट्रो अलाइनमेंट की भेंट चढ़ने वाली है। संस्था के सदस्यों का कहना है कि वे मेट्रो प्रबंधन से पक्षियों के सुरक्षित स्थानांतरण की मांग करेंगे।

योजनाओं के दावे और जमीनी सवाल
सरकार का दावा है कि प्रदेश में 30 हजार एकड़ भूमि पर “एक बगिया मां के नाम” योजना के तहत पौधरोपण किया जाएगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे उन हजारों पक्षियों को नया घर मिल पाएगा जिनका बसेरा आज उजाड़ा जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पेड़ काटकर पौधे लगाने की नीति हरियाली नहीं, बल्कि पाखंड है। पेड़ काटकर पौधे लगाकर पर्यावरण को जो नुकसान हुआ है वह कभी भी नहीं भरा जा सकता।
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