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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Indore's 190-year-old Rajwada Mahalaxmi Temple decorated for Diwali

Indore News: दीवाली पर दो करोड़ के नोटों और जेवरों से सजा रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर, बना कुबेर का खजाना

Mon, 20 Oct 2025 10:42 AM IST
कमलेश सेन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: कमलेश सेन Updated Mon, 20 Oct 2025 10:42 AM IST
सार

दीपोत्सव के दौरान एकादशी और धनतेरस को फूल बंगला सजाया जाएगा, जबकि रूप चौदस पर देवी का चार बार शृंगार होगा। दीपावली की रात भक्त देर तक दर्शन करेंगे। इंदौर में अन्य स्थानों के साथ देश के कोल्हापुर, मुंबई और श्रीपुरम के महालक्ष्मी मंदिर भी प्रसिद्ध हैं।

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Indore News: Indore's 190-year-old Rajwada Mahalaxmi Temple decorated for Diwali
महालक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीपोत्सव पर इंदौर के महालक्ष्मी मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भक्तों की अधिक भीड़ भी इन्हीं दिनों में यहां रहती है। नगर का सबसे प्राचीनतम महालक्ष्मी मंदिर, राजवाड़ा में है। यह आकर्षण और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यह 190 साल से ज्यादा पुराना है। हालांकि, इसका अब पुनर्निर्माण हो चुका है।

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राजवाड़ा के समीप 1832 में महालक्ष्मी मंदिर की स्थापना मल्हारराव होल्कर द्वितीय (1811-1833) के कार्यकाल में हुई थी। आरंभ के दिनों में मंदिर एक पुराने मकान में था। बाद में यह मंदिर एक कच्चे मकान और बाद में पक्के मंदिर में पुनर्स्थापित किया गया।
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1933 में जल गया था मंदिर
1933 में एक अग्निकांड में यह मंदिर जल गया था, पर माताजी की प्रतिमा सुरक्षित बचा कर इसी स्थान पर छोटे से मंदिर में स्थापित कर दी गई थी। वर्ष 2020 से खासगी ट्रस्ट द्वारा मंदिर का प्रबंधन किया जा रहा है।
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यह है खासियत
राजवाड़ा के महालक्ष्मी मंदिर में कमल पर लक्ष्मी जी विराजित हैं और सुखसमृद्धि के गज (हाथी) पर स्थापित हैं। मंदिर में हनुमान जी, शिवजी, गणेशजी तथा रिद्धि-सिद्धी सहित मां लक्ष्मी विराजित हैं।

रूप चौदस पर चार बार शृंगार होगा
दीपावली के अवसर पर पांच दिन तक राजवाड़ा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। एकादशी और धनतेरस को फूल बंगला सजाया जाएगा। रूप चौदस के दिन देवी का चार बार शृंगार कर वस्त्र बदले जाएंगे। दीपावली के दिन भक्तों की अधिक भीड़ रहती है, इसलिए दो बार ही शृंगार होगा। मंदिर में दीपावली पर देर रात्रि तक भक्तगण दर्शन करते हैं। इस दिन महालक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित किया जाता है।


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इन स्थानों पर भी हैं महालक्ष्मी मंदिर
इंदौर में राजवाड़ा के अलावा उषा नगर, महालक्ष्मी नगर, विद्याधाम, खजराना गणेश मंदिर परिसर, हंसदास मठ आदि स्थानों पर भी महालक्ष्मी हैं, जहां भक्त गण दर्शन करने जाया करते हैं।

देश के ये महालक्ष्मी मंदिर प्रसिद्ध
इंदौर के राजवाड़ा के साथ ही महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अंबाबाई मंदिर, मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर और तमिलनाडु के श्रीपुरम में महालक्ष्मी मंदिर देश के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं। यहां पर देशभर के श्रद्धालु मां लक्ष्मी का कृपा प्रसाद पाने आते हैं।

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