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Madhya Pradesh Foundation Day: सफाई ही नहीं स्वच्छ हवा में भी झंडे गाड़ रहे प्रदेश के जिले, इंदौर के साथ भोपाल

Sat, 01 Nov 2025 12:42 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 01 Nov 2025 12:42 PM IST
सार

दोनों बड़े शहरों के अलावा प्रदेश के बुधनी, उज्जैन, देवास, जबलपुर और ग्वालियर शहर भी सम्मानित हुए। वायु गुणवत्ता के मापदंडों में इंदौर और भोपाल दोनों ने उल्लेखनीय सुधार किया है।इन शहरों की औसत एक्यूआई रेटिंग अन्य महानगरों की तुलना में बेहतर रही।

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इंदौर सफाई में आठ वर्षों से देश में नंबर एक है। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश कई क्षेत्रों में मिसाल कायम करता जा रहा है। इनमें से एक है पर्यावरण और प्रदूषण का क्षेत्र है। प्रदेश के कई शहर सफाई में खास पहचान रखते हैं। इंदौर पिछले आठ वर्षों से देश में नंबर एक है। वहीं, इंदौर से प्रेरणा लेते हुए कई शहरों की रैंकिंग सुधरी है। इस बार तो साफ हवा के लिए इंदौर नंबर एक पर रहते हुए पुरस्कृत हुआ है।

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स्वच्छता रैंकिंग के स्कोर कार्ड में इंदौर आगे रहा। 10 लाख से ज्यादा के आबादी वाले शहरों में अहमदाबाद पहले नंबर पर था, लेकिन दूसरे नंबर पर भोपाल ने बाजी मारी। भोपाल पहले भी टाॅप थ्री में आ चुका है।

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इन दोनों बड़े शहरों के अलावा प्रदेश के बुधनी, उज्जैन, देवास, शाहगंज, जबलपुर और ग्वालियर शहर भी सम्मानित हुए। वायु गुणवत्ता के मापदंडों में इंदौर और भोपाल दोनों ने उल्लेखनीय सुधार किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, इन शहरों की औसत एक्यूआई रेटिंग अन्य महानगरों की तुलना में बेहतर रही।

 

इंदौर में एक भी कचरा पेटी नहीं

इंदौर में शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण होता है। शहर में एक भी कचरा पेटी नहीं है। घरों से निकला कचरा सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड तक जाता है। रोज सुबह 5000 से ज्यादा सफाईकर्मी शहर को साफ करते हैं। शहर के लोग इतने जागरूक हो चुके हैं कि वे सड़कों पर कचरा नहीं फैलाते हैं। इस कारण इंदौर 24 घंटे तक साफ रहता है।

 

कचरे से कमाई भी हो रही

इंदौर में कचरे से कमाई भी होने लगी है। गीले कचरे से सीएनजी गैस बनाई जा रही है। इससे शहर की बसों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा मलबे से ब्लाॅक तैयार हो रहे हैं। गीले कचरे से तैयार होने वाली जैविक खाद भी नगर निगम अपने उद्यानों में इस्तेमाल करता है। प्लास्टिक कचरे से ज्वलनशील पदार्थ बनाए जा रहे हैं। इसका उपयोग कई फैक्टरियां कर रही हैं।

 

कई शहर अपने चुके इंदौर का सफाई माॅडल

देश के कई शहर इंदौर का सफाई का माॅडल अपना चुके है। रैंकिंग में पहले स्थान पर आने वाले अहमदाबाद के अफसर कई बार इंदौर आकर सफाई व्यवस्था देख चुके हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र के कई शहरों ने इंदौर की सफाई को अपनाया है। नेपाल के प्रधानमंत्री भी इंदौर आकर सफाई व्यवस्था को सराह चुके हैं। अब इंदौर नगर निगम को देपालपुर गांव को गोद दिया गया है। वहां भी इंदौर जैसी सफाई कुछ महीनों बाद दिखाई देगी।

 

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