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Indore News: MY में निःशुल्क भोजन पर बैन, जरूरतमंदों का पेट भरती हैं संस्थाएं, प्रबंधन ने कहा बाहर जाओ
Wed, 08 Oct 2025 09:09 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 08 Oct 2025 09:09 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा दो बच्चों की मौत के बाद, प्रबंधन ने परिसर में बाहरी संस्थाओं द्वारा मुफ्त भोजन वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के अनुसार, अस्पताल के अंदर खाद्य सामग्री लाने पर भी रोक रहेगी।
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एमवाय अस्पताल में जरूरतमंदों को कई संस्थाएं भोजन देती हैं।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में चूहों द्वारा दो बच्चों को कुतरने से हुई मौत के बाद, एमवाय अस्पताल प्रशासन ने परिसर में बाहरी संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले निःशुल्क भोजन के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखने और चूहों के आतंक को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत लिया गया है।
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दूर दराज से आए गरीबों का सहारा बनता है यह भोजन
गौरतलब है कि एमवाय अस्पताल में इलाज करवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग दूर दूर से आते हैं। अस्पताल के परिसर में ही रहने वाले इन लोगों की मदद के लिए कई संस्थाएं दिल खोलकर दान करती हैं। इन्हीं संस्थाओं की वजह से दूर दराज से इलाज के लिए आए गरीब लोग एमवाय में कई दिन तक रहकर अपने परिजन का इलाज करवा पाते हैं। एमवाय में कई साल से जरूरतमंदों को भोजन बांट रहे अक्षय जोशी ने कहा कि हमें भी अब एमटीएच में भोजन बांटने का कहा गया है। रोटी बैंक के माध्यम से हम कई साल से सैकड़ों जरूरतमंदों को भोजन दे रहे हैं। हमने डीन से इस विषय में बात की तो उन्होंने हमें एमटीएच में जगह दिलवाई है, अब हम वहां पर सेवा कार्य करेंगे।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन ने जारी किए आदेश
बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस संबंध में एक कड़ा आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ को अस्पताल के अंदर लाना सख्त वर्जित है। यह सुनिश्चित करने के लिए, अस्पताल के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा गहन जांच की जाएगी।
वैकल्पिक व्यवस्था और अन्य प्रतिबंध
अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जो संस्थाएं और व्यक्ति भोजन वितरित करना चाहते हैं, वे अब अस्पताल परिसर के बाहर ही ऐसा कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था की निगरानी एमवाय अस्पताल के अधीक्षक और एजिल कंपनी द्वारा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वितरण व्यवस्थित और स्वच्छतापूर्ण तरीके से हो। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की खाने की दुकानें लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
चूहों की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम
यह कड़ा कदम हाल ही में हुई दो बच्चों की मौत की दर्दनाक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें चूहों के कुतरने को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए डीन ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं:
नियमित सफाई: अस्पताल की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित की जाएगी, विशेषकर खाने के अवशेषों और कूड़े-कचरे को तुरंत हटाया जाएगा।
केमिकल ट्रीटमेंट: परिसर में चूहों के बिलों की पहचान कर उनका केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।
मरम्मत कार्य: चूहों को अस्पताल के अंदर आने से रोकने के लिए दीवारों और फर्श में मौजूद सभी छिद्रों और दरारों को तत्काल सील किया जाएगा।
चूहा नियंत्रण: चूहों को मारने के लिए ट्रैप और अन्य आवश्यक उपायों का सुरक्षित तरीके से उपयोग किया जाएगा।
निगरानी: इन सभी उपायों की नियमित जांच और निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट: पेस्ट कंट्रोल सेवाओं की दैनिक निगरानी कर रिपोर्ट डीन कार्यालय में जमा करनी होगी।
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दूर दराज से आए गरीबों का सहारा बनता है यह भोजन
गौरतलब है कि एमवाय अस्पताल में इलाज करवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग दूर दूर से आते हैं। अस्पताल के परिसर में ही रहने वाले इन लोगों की मदद के लिए कई संस्थाएं दिल खोलकर दान करती हैं। इन्हीं संस्थाओं की वजह से दूर दराज से इलाज के लिए आए गरीब लोग एमवाय में कई दिन तक रहकर अपने परिजन का इलाज करवा पाते हैं। एमवाय में कई साल से जरूरतमंदों को भोजन बांट रहे अक्षय जोशी ने कहा कि हमें भी अब एमटीएच में भोजन बांटने का कहा गया है। रोटी बैंक के माध्यम से हम कई साल से सैकड़ों जरूरतमंदों को भोजन दे रहे हैं। हमने डीन से इस विषय में बात की तो उन्होंने हमें एमटीएच में जगह दिलवाई है, अब हम वहां पर सेवा कार्य करेंगे।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन ने जारी किए आदेश
बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस संबंध में एक कड़ा आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ को अस्पताल के अंदर लाना सख्त वर्जित है। यह सुनिश्चित करने के लिए, अस्पताल के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा गहन जांच की जाएगी।
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चूहों की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम
यह कड़ा कदम हाल ही में हुई दो बच्चों की मौत की दर्दनाक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें चूहों के कुतरने को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए डीन ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं:
नियमित सफाई: अस्पताल की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित की जाएगी, विशेषकर खाने के अवशेषों और कूड़े-कचरे को तुरंत हटाया जाएगा।
केमिकल ट्रीटमेंट: परिसर में चूहों के बिलों की पहचान कर उनका केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।
मरम्मत कार्य: चूहों को अस्पताल के अंदर आने से रोकने के लिए दीवारों और फर्श में मौजूद सभी छिद्रों और दरारों को तत्काल सील किया जाएगा।
चूहा नियंत्रण: चूहों को मारने के लिए ट्रैप और अन्य आवश्यक उपायों का सुरक्षित तरीके से उपयोग किया जाएगा।
निगरानी: इन सभी उपायों की नियमित जांच और निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट: पेस्ट कंट्रोल सेवाओं की दैनिक निगरानी कर रिपोर्ट डीन कार्यालय में जमा करनी होगी।
