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Indore News : तेंदुए की दहाड़ से थर्राया पूरा गांव, झाड़ियों में फंसा मिला... फिर जो हुआ
Mon, 03 Nov 2025 10:16 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 03 Nov 2025 10:16 PM IST
सार
Indore News: महू के पास दतोदा गांव में एक 6 वर्षीय मादा तेंदुआ झाड़ियों के बीच तार में फंस गई। रालामंडल से गई रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित बाहर निकाला और स्वास्थ्य जांच के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया।
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तेंदुए को ट्रेकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
महू वन परिक्षेत्र के ग्राम दतोदा में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने खेत किनारे झाड़ियों से एक तेंदुए के घुर्राने की आवाज सुनी। पास जाकर देखने पर पता चला कि एक मादा तेंदुए का पैर तार फेंसिंग में बुरी तरह फंसा हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची महू वन विभाग की टीम ने स्थिति को देखते हुए इंदौर रालामंडल रेस्क्यू टीम को बुलाया। घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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ग्रामीणों ने सुनी घुर्राने की आवाज
जानकारी के अनुसार, घटना दतोदा-हरसोला मार्ग की है। महू वन परिक्षेत्राधिकारी नयन कुमार पालवी ने बताया कि यह 6 साल की मादा तेंदुआ थी, जो करौंदिया की बेल की झाड़ियों में फंसी हुई थी। वहीं पड़े तार में उसका पैर उलझ गया। जब तेंदुआ खुद को छुड़ा नहीं पाया, तो वह दर्द और घबराहट में घुर्राने लगा। सुबह ग्रामीणों ने जब यह आवाज सुनी तो वे सतर्क हो गए और वन विभाग को सूचित किया।
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रालामंडल टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही महू वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले वहां जमा हुए ग्रामीणों को दूर किया। तेंदुए की आक्रामक स्थिति को देखते हुए स्थानीय टीम ने इंदौर रालामंडल रेस्क्यू टीम से मदद मांगी। रालामंडल टीम किसी अन्य रेस्क्यू में होने के कारण थोड़ी देरी से पहुंची। टीम ने दोपहर करीब 2 बजे तेंदुए की स्थिति का जायजा लिया और ट्रेंकुलाइजर गन तैयार की। अधिकारियों ने सटीक निशाना साधते हुए तेंदुए के पिछले हिस्से में डार्ट मारकर उसे ट्रेंकुलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने के बाद, कर्मचारियों ने झाड़ियों को काटकर और तार को अलग कर उसके फंसे हुए पैर को बाहर निकाला।
जांच के बाद जंगल में छोड़ा
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को पिंजरे में डालकर जांच के लिए इंदौर चिड़ियाघर ले जाया गया। वहां पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह सुनिश्चित करने के बाद कि तेंदुए को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया।
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रालामंडल टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही महू वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले वहां जमा हुए ग्रामीणों को दूर किया। तेंदुए की आक्रामक स्थिति को देखते हुए स्थानीय टीम ने इंदौर रालामंडल रेस्क्यू टीम से मदद मांगी। रालामंडल टीम किसी अन्य रेस्क्यू में होने के कारण थोड़ी देरी से पहुंची। टीम ने दोपहर करीब 2 बजे तेंदुए की स्थिति का जायजा लिया और ट्रेंकुलाइजर गन तैयार की। अधिकारियों ने सटीक निशाना साधते हुए तेंदुए के पिछले हिस्से में डार्ट मारकर उसे ट्रेंकुलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने के बाद, कर्मचारियों ने झाड़ियों को काटकर और तार को अलग कर उसके फंसे हुए पैर को बाहर निकाला।
जांच के बाद जंगल में छोड़ा
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को पिंजरे में डालकर जांच के लिए इंदौर चिड़ियाघर ले जाया गया। वहां पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह सुनिश्चित करने के बाद कि तेंदुए को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया।
