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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Dhar Bhojshala case- who will hear it, opinion sought from Chief Justice, now hearing on February

Indore News: धार भोजशाला केस- कौन करेगा सुनवाई, चीफ जस्टिस से मांगा मत, अब सुनवाई 18 फरवरी को

Mon, 16 Feb 2026 06:08 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 16 Feb 2026 06:08 PM IST
सार

भोजशाला परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का दल 90 दिन तक सर्वे कर  लिफाफा बंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर चुका है।हिंदू पक्ष भोजशाला को माता वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे 11वीं सदी की कमाल मौला मस्जिद बताता है।

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Indore News: Dhar Bhojshala case- who will hear it, opinion sought from Chief Justice, now hearing on February
धार भोजशाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धार भोजशाला मंदिर व कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रही सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सोमवार को वकीलों की हड़ताल के कारण टाल दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। 22 जनवरी को भोजशाा को लेकर आए आदेश के आधार पर मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस से जजों ने मत मांगा है कि इसकी सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश करेंगे या वरिष्ठतम न्यायधीश करेंगे।

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धार भोजशाला और इतिहास: यथार्थ का अन्वेषण कर रहे हैं पुरातत्व के साक्ष्य

कोर्ट में सोमवार को सुनवाई तय थी और दोनों पक्ष के याचिकाकर्ता व इंटरविनर भी मौजूद थे, लेकिन वकीलों का कोरम पूरा नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि एएसआई द्वारा सीलबंद लिफाफे में जमा की गई वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट को खोला जाए। इसके बाद यह मामला सोमवार को पहली बार हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लगा था।

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कोर्ट में पेश हो चुकी है रिपोर्ट

 

कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला परिसर का तीन माह तक सर्वे हुआ था और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अपनी लिफाफा बंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर चुका है।हिंदू पक्ष भोजशाला को माता वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे 11वीं सदी की कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में है। इसके टायटल को लेकर अदालत में केस चल रहा है।

 

वकीलों की हड़ताल के बीच सोमवार को हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के लोग खुद अदालत में मौजूद रहे।याचिकाकर्ता संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े आशीष गोयल ने बताया कि वे सोमवार को कोर्ट में उपस्थित हुए थे, लेकिन सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने 18 फरवरी की तारीख तय की है।

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